इन्दौर। हमारे अपने इंदौर शहर और आसपास के क्षेत्र में कम वर्षा होने के कारण अभी भी सबसे बड़े यशवंत सागर तालाब में 7 फीट स्थान खाली है। जुलाई का महीना समाप्त हो जाने के बावजूद तालाबों में अब तक पर्याप्त पानी नहीं आ सका है। इंदौर शहर में अब तक 15 इंच पानी बरस चुका है। इस पानी के आधार पर राज्य सरकार के द्वारा यह माना जा रहा है कि इंदौर में औसत वर्षा से ज्यादा वर्षा हो गई है। यह वर्षा कितनी कम है इसका अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि गर्मी के मौसम में इंदौर में जो बोरिंग सूख गए थे उनमें से बहुत सारे बोरिंग तो अभी तक चालू भी नहीं हो पाए हैं। जब पानी की स्थिति केवल इंदौर शहर में ही इतनी खराब हो ऐसा नहीं है। इंदौर शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भी पानी की स्थिति खराब ही है। इसी का परिणाम है कि इंदौर के प्रमुख तालाब उम्मीद के मुताबिक इंदौर नगर में दूसरा बड़ा तालाब बिलावली है, लेकिन उसे भरने में ही ज्यादा वक्त लगता है, क्योंकि बायपास बनने के बाद तालाब की चैनलें अवरुद्ध हो गईं और तालाब में पानी काफी धीरे आता है। लिंबोदी तालाब भी इसी कारण खाली रहता है, हालांकि इस तालाब की चैनलों की सफाई के लिए नगर निगम ने विशेष तौर पर अभियान चलाया था। इस तरह का अभियान नगर निगम हर साल ही चलता है लेकिन उसका कोई बहुत अच्छा परिणाम सामने नहीं आता है।
नहीं भर पाए हैं। शहर की पेयजल व्यवस्था 12 फीट पानी है, जबकि पिछले साल के लिए सबसे महत्वपूर्ण यशवंत सागर में जुलाई में ही यह तालाब लबालब हो गया अभी भी सात फीट पानी की कमी है।
था और गेट खोलकर इस तालाब से पानी जुलाई का महीना समाप्त हो जाने के बहाया गया था। इस तालाब की क्षमता 19 बावजूद शहर के तालाबों का जलस्तर ज्यादा फीट है। अभी भी तालाब सात फीट खाली नहीं बढ़ पाया है। अब ऐसा समझा जाता है। कहने का मतलब यह है कि अभी तक है कि इन तालाबों को पानी से पूरा भरने में इस तालाब में 12 फीट पानी भराया है। अगस्त माह पूरा लग सकता है। अभी तक कुछ तालाब आधे तो कुछ आधे से भी कम भरे हैं। शहर की प्यास बुझाने वाले यशवंत सागर तालाब में अभी
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 2 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




