प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि भाजपा लगातार राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए डरकर रोडा अटका रही है। रीजनल पार्क मैदान में होने वाले कार्यक्रम के लिए पहले स्टेडियम देने से मना किया और फिर मैदान के लिए समय लगाया गया, फिर उसका किराया शुल्क भी भारी भरकम लिया गया। अब जब छात्रों के लिए निशुल्क गीत-संगीत आयोजन में राघव चैतन्य और लश्करी प्रस्तुति देंगे तो अब मनोरंजन शुल्क का नया नाटक भाजपा ने शुरू करवाया है। चौरसिया ने कहा कि भाजपा को छात्रों के सवालों से इतनी घबराहट है कि पहले आयोजन स्थल को लेकर अड़ंगा लगाया और अब निःशुल्क कार्यक्रम पर नगर निगम से मनोरंजन शुल्क लगाने की मांग की जा रही है। ‘कार्यक्रम प्री, कलाकार प्री, छात्र प्री,फिर शुल्क किस बात का?’ अमित चौरसिया ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कोई व्यावसायिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं है। इसमें छात्र-छात्राओं का प्रवेश निःशुल्क है और वेबसाइट के माध्यम से निःशुल्क पंजीयन किया जा रहा है। कार्यक्रम में आने वाले कलाकार भी युवाओं की आवाज को समर्थन देने के लिए बिना किसी शुल्क के अपनी प्रस्तुति देने आ रहे हैं। ‘जब छात्र प्री, कलाकार प्री और पूरा आयोजन प्री है, तो भाजपा मनोरंजन शुल्क किस बात का लगवाना चाहती है? असल में भाजपा को मनोरंजन शुल्क नहीं, युवाओं के सवालों की आवाज चुभ रही है।’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की ओछी राजनीति अब मनोरंजन का विषय बन गई है। कभी मैदान रोकने की कोशिश, कभी क्षमता पर सवाल, कभी आयोजन को लेकर भ्रम और अब मनोरंजन शुल्क भाजपा नेताओं के पास छात्रों के सवालों का जवाब नहीं, इसलिए नए-नए बहाने खोजे जा रहे हैं। दोनों युवा कलाकारों के आयोजन से बडी संख्या में छात्र जुडेंगे, क्योंकि उन्होने छात्रों और युवाओं का दिल जीता है। चौरसिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन को आवाज देने वाले ये कलाकार अब इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ के मंच से युवाओं के सवालों को अपना सुर देंगे। कांग्रेस पहले ही रीजनल पार्क के लिए 10 लाख से अधिक की राशि जमा कर चुकी है जो पटाखा दुकानों से कही अधिक शुल्क है। ‘भाजपा को यदि छात्रों की गूंज से डर नहीं लगता तो अड़ंगे लगाने के बजाय मंच पर आकर उनके सवालों के जवाब दे। नर्सिंग के छात्रों को जवाब चाहिए, पटवारी अभ्यर्थियों को जवाब चाहिए, बेरोजगार युवाओं को जवाब चाहिए और पेपर लीक से परेशान विद्यार्थियों को जवाब चाहिए।’ ‘सरकार अड़ंगा लगा सकती है, आवाज नहीं रोक सकती।’ चौरसिया ने कहा कि भाजपा शासन और प्रशासन चाहे जितने अड़ंगे लगा ले, ‘छात्रों की गूंज’ हर हाल में होगी। ‘भाजपा ने मैदान रोकने की कोशिश की, हमने दूसरा रास्ता खोज लिया। शुल्क लगाया, हमने जमा कर दिया। अब मनोरंजन शुल्क का नया बहाना बनाया जा रहा है। लेकिन भाजपा यह याद रखे कि मैदान पर कब्जा किया जा सकता है, युवाओं की आवाज पर नहीं। ‘चौरसिया ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ रुकेगी नहीं, अब भाजपा में घबराहट की गूंज जरूर सुनाई देगी।’
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




