भारतीय जनता पार्टी के विधायक रमेश मेंदोला कल शाम को अचानक नगर निगम पहुंच गए। उनके निगम में पहुंचने से हलचल मच गई। उन्होंने नगर निगम आयुक्त के साथ बंद कमरे में बैठक की।
नगर निगम में कल शाम का समय जरा महत्वपूर्ण बन गया था। उस समय पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा निगम आयुक्त और सभी अपर आयुक्त के साथ महापौर सभा कक्ष में समीक्षा बैठक की जा रही थी। इस बैठक के चलते हुए ही विधायक रमेश मेंदोला निगम में पहुंच गए। उनके आने की सूचना बैठक में मिली और बताया गया कि वह नगर निगम आयुक्त से मिलने के लिए आए हैं। इतनी जानकारी मिलते ही निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल बैठक छोड़कर नीचे अपने कार्यालय में पहुंच गए। निगम आयुक्त से उनके कार्यालय में मेंदोला ने मुलाकात की और बंद कमरे में चर्चा हुई। इस चर्चा के दौरान मेंदोला ने नगर निगम के द्वारा संचालित किए जा रहे संजीवनी क्लीनिक की स्थिति के बारे में खास तौर पर चर्चा की। उनका कहना था कि गरीब नागरिकों के उपचार में संजीवनी क्लीनिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि संजीवनी क्लीनिक का बेहतर तरीके से संचालन किया जाए। अभी राज्य सरकार के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जिस तरह से संचालन किया जा रहा है उससे नागरिकों को कोई बहुत ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मुलाकात के दौरान मेंदोला ने संजीवनी क्लिनिक को संचालन के लिए निजी क्षेत्र को देने और उनके माध्यम से नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर हमने प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को संजीवनी क्लिनिक दिया है वहां नागरिकों को अच्छी सुविधा मिल रही है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमें अन्य स्थानों के संजीवनी क्लिनिक भी निजी क्षेत्र को संचालन के लिए देना चाहिए।
उषा ठाकुर भी निगम पहुंची
अभी मेंदोला नगर निगम में अधिकारियों से मिलकर अपनी बात करने के बाद रवाना हुए ही थे कि कुछ देर में महू क्षेत्र की विधायक उषा ठाकुर नगर निगम पहुंच गई। उनके साथ में उनके समर्थक पूर्व पार्षद रत्नेश बागड़ी भी मौजूद थे। उन्होंने भी नगर निगम आयुक्त के साथ अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर बंद कमरे में चर्चा की। इस चर्चा के दौरान उनके द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र में आने वाले गांव में नगर निगम की ओर से नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। निगम आयुक्त के द्वारा इंदौर में पानी के संकट की स्थिति का हवाला देते हुए कहा गया कि इस बारे में विचार किया जाएगा। वैसे भी किसी भी गांव को यदि नर्मदा का पानी देना है तो उसका फैसला नगर निगम परिषद के द्वारा लिया जाता है। केवल आयुक्त के स्तर पर यह फैसला नहीं हो सकता है।
महापौर ने दिए निर्देश
इन दो विधायकों के नगर निगम में पहुंचने के बीच में महापौर के द्वारा आयोजित की गई बैठक में महापौर ने जनता की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया कि दीपावली के त्यौहार के बाद पूरे शहर में सड़कों को सुधारने का अभियान चलाया जाए और जहां तक हो सके तो इस अभियान को दीपावली के त्यौहार के पहले ही चला कर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने निगम के अधिकारियों से कहा कि जहां सड़क नई बनाना है वहां नई बनाने का कम कीजिए और जहां उसका पेचवर्क करना है वहां पर पैच वर्क कीजिए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 9 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




