रहवासी शीला गुप्ता, जय हेतवाल, वीरेंद्र सिकरवार, रवींद्र शर्मा, अभिषेक शर्मा, वीरेंद्र पंवार का साफ कहना है कि नर्मदा का पानी देना है उषा नगर और महावर नगर को और टंकी हमारे यहां बनाई जा रही है। विश्वकर्मा नगर में अच्छी दादागिरी और हठधर्मिता है। यही नहीं टंकी बनने के साथ यहां कर्मचारियों के क्वार्टर भी बनेंगे, झोनल आफिस, डिस्पेन्सरी, टैंकर चलेंगे 24 घंटे, सब होगा और हमारा सुख चैन सब खत्म हो जाएगा। हरियाली और पेड़-पौधें नष्ट हो जाएंगे। नगर निगम की दादागिरी और हठधर्मिता के कारण रहवासियों में बहुत आक्रोश है। लोगों ने साफ कहा है कि हम हमारे क्षेत्र के बगीचे में पानी की टंकी नहीं बनने देंगे। यही नहीं अब इस मामले में विधायक गौड़ से भी मिलकर बात करेंगे।
महापौर से मिलकर भी विरोध कर की थी शिकायत
यही नहीं पिछले दिनों रहवासियों ने महापौर से मिलकर भी इस मामले में शिकायत की थी। महापौर ने रहवासियों को आश्वस्त किया था कि वैकल्पिक तौर पर बताई जा रही अन्य जगह टंकी बनाने के मसले पर विचार करेंगे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




