प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि कुछ साल पहले रामनवमी पर पटेल नगर बावड़ी पर बने मंदिर के अचानक धंसने पर 36मौते हुई, कुछेक घायल हुए थें। मामला उच्च न्यायालय पहुंचा, न्यायालय ने इंदौर नगर निगम को कुंए बावड़ी जलाशयों आदि पर से अतिक्रमण हटाने, पुराने ऐतिहासिक महत्व के कुंए बावड़ी का संरक्षण करके सुधारने आदि के आदेश दिए थे। आदेश का पालन ना करने पर तात्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह तथा नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के खिलाफ न्यायालय अवमानना याचिका दायर की गई है जो लंबित है। याचिकाकर्ता पूर्व पार्षद महेश गर्ग एवं एड्वोकेट प्रमोद कुमार व्दिवेदी थे तथा अवमानना याचिका भी इन्होंने दायर की। एड्वोकेट प्रमोद व्दिवेदी ने आरोप लगाया कि इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन इतनी बड़ी घटना के बाद भी चेतन्य नहीं हुआ है, जागा नहीं है। व्दिवेदी ने कालानी नगर चौराहे पर मौसा जलेबी सेंटर के पास स्थित कुएं पर ऊपर से टीन चद्दर आदि डालकर कुंए पर जाली डालकर अब उसके ऊपर मंदिर बनाने की लगातार कोशिश को उजागर किया। व्दिवेदी ने सवाल उठाया कि जब कुंए के पास कोने पर मंदिर है तो कुंए के ऊपर टीन शेड डालकर किसके आदेश पर यह किया जा रहा है, कौन लोग हैं जो कुंए पर मंदिर बनाने में लगे हुए हैं। इस कुंए पर रविवार रात्रि को सैकड़ों लोग आते हैं और भोग भंण्डारा लगाते हैं भजन कीर्तन करते हैं तथा न्याय दरबार भी कुछेक लोग लगाते हैं, व्दिवेदी ने सवाल उठाया कि इस क्षैत्र के रहवासी, आसपास के दुकानदार इससे चिंतित हैं तथा वे इस कुंए को बचाना भी चाहते हैं, कुंए के पास बनें मंदिर को व्यवस्थित करते हुए, व्दिवेदी ने सवाल उठाया फिर नगर निगम एवं जिला प्रशासन क्या किसी बड़े हादसे के बाद संज्ञान लेगा, अगर इसपर जल्दी संज्ञान नहीं लिया गया तो न्यायालय की शरण ली जावेगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




