शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदौर जिले में 'विद्या शक्ति' अभियान के अंतर्गत एक अभिनव पायलट परियोजना प्रारंभ की गई। प्रथम चरण में कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण आज बाल विनय मंदिर में दिया गया। इस अवसर पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एआई के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, रोचक और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि आईआईटी चेन्नई की टीम के सहयोग से जिले में शिक्षण की पारंपरिक पद्धति में नवाचार किया जा रहा है। एआई आधारित एप की सहायता से शिक्षक अपने लेक्चर प्लान, क्लासवर्क, होमवर्क तैयार करने, विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण करने तथा मूल्यांकन को अधिक व्यवस्थित बनाने जैसे कार्य आसानी से कर सकेंगे। अधिकारी मौजूद रहे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




