मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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वाटर रिचार्जिंग नहीं करने वालों से निगम वसूल सकेगा, 500 से 5000 तक जुर्माना

शहर में भले ही फिलहाल तेज बारिश नहीं हो रही, लेकिन बरसात की हर बूंद को सहेजकर भूजल स्तर बढ़ाने की कवायद त़ेजी से जारी है। नगर निगम ने वर्षा…

शहर में भले ही फिलहाल तेज बारिश नहीं हो रही, लेकिन बरसात की हर बूंद को सहेजकर भूजल स्तर बढ़ाने की कवायद त़ेजी से जारी है। नगर निगम ने वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर संपत्तिकर में 10 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान किया है। वहीं, नोटिस मिलने के बाद भी सिस्टम नहीं लगाने वाले भवन मालिकों पर प्रतिदिन 500 रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है, जिसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपए निर्धारित की गई है।

दरअसल, हर वर्ष गर्मी के मौसम में शहर के अधिकांश बोरवेल सूख जाते हैं। जिन क्षेत्रों में नर्मदा जलापूर्ति उपलब्ध नहीं है, वहां पानी का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। इस वर्ष भी भीषण गर्मी के दौरान नगर निगम को जलापूर्ति के लिए 700 से अधिक टैंकर संचालित करने पड़े, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा और विरोध-प्रदर्शन भी हुए। इसी अनुभव को देखते हुए निगम ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत वर्षा जल को जमीन में उतारने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग अभियान को गति दी है। नगर निगम ने 22 जोनों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं। बिल्डिंग अफसर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर और जोनल अधिकारियों को लक्ष्य आधारित जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अपर आयुक्तों को इसकी नियमित मॉनिटरिंग का दायित्व दिया गया है। निगम के अनुसार अब तक 100 से अधिक भवनों पर कार्रवाई करते हुए करीब 2.5 लाख रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है। यह कार्रवाई नगर पालिक निगम (वर्षा जल संचयन) उपविधियां-2022 के तहत की गई है। इंदौर में केवल रेन वाटर हार्वेस्टिंग ही नहीं, बल्कि वाटर रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन और सार्वजनिक स्थलों पर भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है। शहर में सड़क किनारे और बड़े परिसरों में रिचार्ज संरचनाएं विकसित कर बारिश के पानी को सीधे भूजल में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव लगातार वार्डों में जनसंवाद कर लोगों को इस अभियान से जोड़ रहे हैं, जबकि निगमायुक्त क्षितिज सिंघल इसकी नियमित समीक्षा कर रहे हैं। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर जल संरक्षण की इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि आने वाले वर्षों में शहर को जल संकट से स्थायी राहत मिल सके।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 27 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें