स्मार्ट सिटी और हेरिटेज क्षेत्र के नाम पर राजबाड़ा और आसपास के बाजारों को व्यवस्थित करने की कवायद एक बार फिर सवाों के घेरे में है। त्योहारों के नाम पर फुटपाथ और सड़कों पर अस्थायी कारोबार की बढ़ती बसावट से उन दुकानदारों में नाराजगी बढ़ रही है, जो नियमित रूप से नगर निगम को कर और अन्य शुल्क अदा कर अपनी दुकानें संचाति कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि एक ओर करदाता दुकानदारों को बाजार में ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क और फुटपाथ पर बिना नियमित दुकान, किराया और कर व्यवस्था के कारोबार करने वाों को गातार जगह मि रही है। इससे बाजार में समान व्यापार करने वो दुकानदारों के बीच असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति बन रही है।
135 दुकानदारों को हटाया, अब फुटपाथ पर सवा
राजबाड़ा क्षेत्र को स्मार्ट सिटी और हेरिटेज स्वरूप देने के दौरान चार-चार पीढ़ियों से कारोबार कर रहे करीब 135 दुकानदारों को हटाया गया था। उस समय तर्क दिया गया था कि क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर व्यवस्थित, सुंदर और यातायात के अनुकू बनाया जाएगा। व्यापारियों का सवा है कि यदि स्मार्ट सिटी के िए स्थायी दुकानों को हटाना जरूरी था, तो अब उसी क्षेत्र के फुटपाथ और सड़क किनारे अस्थायी कारोबार को त्योहार के नाम पर बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है?
रिमूव्ह कार्रवाई या सिर्फ दिखावे का खे? व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम का रिमूव्ह अमा समय-समय पर मुनादी और कार्रवाई करता दिखाई देता है, ेकिन कुछ समय बाद फुटपाथों पर फिर वही स्थिति बन जाती है। इससे यह सवा उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई स्थायी समाधान के िए है या केव कुछ घंटों की औपचारिकता बनकर रह गई है।
त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने के साथ फुटपाथ पर अस्थायी कारोबार भी बढ़ जाता है। इससे पैद चने वाों के िए जगह कम होती है और नियमित दुकानदारों के सामने कारोबार बचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है। व्यापारियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी का अर्थ केव सड़क, सौंदर्यीकरण और हेरिटेज निर्माण नहीं होना चाहिए। स्मार्ट सिटी की पही पहचान व्यवस्थित बाजार, स्पष्ट व्यापार नीति, पैद यात्रियों के िए सुरक्षित फुटपाथ और सभी कारोबारियों के िए समान नियम होना चाहिए। यदि एक ओर वर्षों पुराने दुकानदारों को हटाकर क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया और दूसरी ओर उन्हीं स्थानों पर फुटपाथ कारोबार को बढ़ने दिया गया, तो स्मार्ट सिटी की पूरी अवधारणा पर सवा उठना स्वाभाविक है।
निगम से स्पष्ट नीति की मांग
व्यापारियों ने नगर निगम से मांग की है कि त्योहारों के दौरान फुटपाथ और सड़क पर कारोबार के िए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए। जहां वैध वेंडिंग जोन निर्धारित हैं, वहां ही कारोबार की अनुमति हो और मुख्य बाजारों, हेरिटेज क्षेत्र तथा पैद मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए। व्यापारियों का कहना है कि कर देने वाा दुकानदार और बिना नियमित कर व्यवस्था के सड़क पर कारोबार करने वाा व्यक्ति दोनों के िए नियम अग-अग नहीं हो सकते। राजबाड़ा जैसे ऐतिहासिक और प्रमुख पर्यटन क्षेत्र में यदि व्यवस्था ही असमान दिखाई देगी तो स्मार्ट सिटी की पूरी कवायद पर सवा उठना तय है। अब सवा नगर निगम से है स्मार्ट सिटी के नाम पर चार पीढ़ियों से कारोबार कर रहे 135 दुकानदारों को हटाने के बाद क्या राजबाड़ा के फुटपाथों पर फिर वही पुरानी अव्यवस्था ौटने दी जाएगी, या त्योहार के बाद भी अतिक्रमण के खिाफ स्थायी और समान कार्रवाई होगी?
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




