शहर में बढ़ते यातायात दबाव के बीच अब यातायात व्यवस्था को नए सिरे से बदलने की तैयारी है।
रेसीडेंसी कोठी में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर बैठक में शहर के ट्रैफिक को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया। इसमें 17 प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न चौड़े करने के बाद अब शहर के अन्य प्रमुख लेफ्ट टर्न भी चौड़े करने, तीन प्रमुख सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने और शहर में दौड़ रही इंटरसिटी बसों को शहर की सीमा से बाहर करने पर सहमति बनी। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह, एआरटीओ ट्रैफिक सुधार की इस योजना को तत्काल राहत से लेकर भविष्य के मास्टर प्लान तक तीन चरणों शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म में बांटा गया है। यानी अगले एक साल में जहां चौराहों और बॉटलनेक पर काम होगा, वहीं 1 से 3 साल में फ्लाईओवर, बस नेटवर्क और मंडियों की शिफ्टिंग जैसे बड़े फैसले जमीन पर उतरेंगे। तीन साल के बाद ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल, मल्टी- मॉडल ट्रांसपोर्ट और पैदल-साइकिल आधारित नेटवर्क पर फोकस होगा। माल ढुलाई जो कमर्शियल वाहनों से होती है उनके लिए लोडिंग- अनलोडिंग के लिए रात का समय निर्धारित किया जाएगा, ताकि दिन के पीक आवर्स में सड़क पर जाम न लगे। वहीं ई-चालान और मोबाइल कोर्ट सीसीटीवी से नियम तोड़ने वालों पर ई-चालान की कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। मोबाइल कोर्ट के जरिए भी कार्रवाई तेज होगी।
अतिक्रमण और आवारा मवेशियों पर कार्रवाई प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने के साथ आवारा मवेशियों की समस्या पर भी सख्ती होगी। सिटी बस 350 से बढ़ाकर 1500 करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही शहर के भीतर चलने वाली लगभग 1,500 इंटरसिटी बसों को नियंत्रित कर शहर की सीमा से बाहर करने के लिए औपचारिक नीति तैयार की जाएगी। थोक मंडियों और लोडिंग- अनलोडिंग जोन को निर्धारित बाहरी क्षेत्रों में शिफ्ट करने की योजना है। चार बस टर्मिनलों की 24 घंटे कनेक्टिविटी गंगवाल, सरवटे, नायता मुंडला और कुमेडी बस टर्मिनलों के बीच परिवहन कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। ऑफिस-बाजारों की टाइमिंग बदलेगी दफ्तरों और बाजारों के खुलने-बंद होने के समय में बदलाव कर ट्रैफिक के पीक आवर्स को कम करने की योजना है। शहर की बढ़ती जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस बल को करीब 1200 से बढ़ाकर 2500-3,000 तक करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में ई-चालान व्यवस्था को वाहन मालिक के बैंक खाते और फास्ट टैग जैसे डिजिटल सिस्टम से जोड़कर जुर्माने की वसूली को ज्यादा प्रभावी बनाने की योजना है। मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट के तहत मेट्रो, सिटी बस और सब-अर्बन रेल को आपस में जोड़ने पर जोर रहेगा। मकसद साफ है एक वाहन से पूरा सफर करने के बजाय लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को जोड़कर इस्तेमाल करें। शहर में समर्पित साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए विशेष स्ट्रीट विकसित करने की योजना भी लॉन्ग टर्म प्लान में शामिल है। 25 से अधिक फ्लाईओवर बनाने का लक्ष्य है। तीन प्रमुख सड़कों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 30 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




