इंदौर। शहर में कम बारिश का असर अब धार्मिक आयोजनों पर भी दिखने लगा है। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए हर साल बारिश के पानी से भरी रहने वाली जवाहर टेकरी की खदानों में इस बार पानी कम पड़ गया। निगम को पास की दूसरी खदान से पानी लिफ्ट कर विसर्जन स्थल तक पहुंचाना पड़ा। निगम सूत्रों के मुताबिक करीब 150 मीटर लंबा पाइप बिछाकर बड़ी मोटरों से पानी पहुंचाया गया। टैंकरों की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि आसपास की खदान में पानी उपलब्ध था। इस साल इंदौर में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे रहा। शहर में अब तक करीब 23.2 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37 इंच के आसपास मानी जाती है। कम बारिश का असर शहर के जलस्रोतों पर भी दिखाई दिया है। यशवंत सागर का एक भी गेट खोलने की स्थिति नहीं बनी, जबकि सामान्य वर्षों में अच्छी बारिश के दौरान यहां से पानी छोड़ा जाता है। जवाहर टेकरी की खदानों में किया गया। निगम को पहले से अंदेशा था कि कम बारिश के कारण विसर्जन स्थल पर पानी की कमी हो सकती है। इसी वजह से वर्कशॉप से बड़ी मोटरें मौके पर तैनात कर दी गई थीं। विसर्जन के दौरान पानी कम होने पर पास की खदान से करीब 150 मीटर पाइपलाइन के जरिए पानी लिफ्ट कर जवाहर टेकरी तक पहुंचाया गया। पानी की उपलब्धता आसपास होने के कारण टैंकरों से पानी ढोने की जरूरत नहीं पड़ी। कम बारिश का सीधा असर जलस्रोतों और भूजल रिचार्ज पर पड़ सकता है। बारिश की कमी बनी रही तो आने वाली गर्मी में पेयजल प्रबंधन पर दबाव बढ़ सकता है। इस बार गणेश विसर्जन के दौरान पानी के लिए की गई यह कवायद शहर के लिए आने वाले समय की जल उपलब्धता को लेकर चेतावनी जैसी है
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 2 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




