भारत सरकार के रेल मंत्रालय के द्वारा इंदौर मनमाड़ रेल लाइन के 72 किलोमीटर के रेलखंड को बनाने के लिए 5000 करोड रुपए का टेंडर जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही इस क्षेत्र को रेल की बड़ी सौगात देने की पहला हो गई है और नागरिकों की सालों से लंबित मांग पूरी होने की ओर बढ़ गई है। मालवा-निमाड़ को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित मनमाड-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल परियोजना के निर्माण की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। मध्य रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के लिए लगभग 4,930.91 करोड़ रु. यानी करीब 5 हजार करोड़ रु. की लागत का ईपीसी ई-टेंडर जारी
टेंडर के तहत डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से ग्यासपुरखेड़ी तक 72.66 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निर्माण किया जाएगा। अनुबंध आवंटित होने के बाद इस पूरे निर्माण कार्य को 48 माह यानी 4 वर्ष में पूरा करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। निविदा की शर्तों के अनुसार ठेका मिलने के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी को 48 महीनों के भीतर पूरे कार्य को पूर्ण करना होगा। इसमें रेल लाइन के साथ पुल, सुरंग, वायडक्ट, आरओबी, स्टेशन तथा अन्य संबंधित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शामिल रहेगा। इस महत्वपूर्ण रेलखंड में कठिन पहाड़ी एवं मैदानी भू-भाग को देखते हुए बड़े
इस 72.66 किमी के हिस्से में कुल 7
मनमाड-इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के किया गया है।
पैमाने पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसमें 25 मेजर रेलवे पुल, अनेक माइनर ब्रिज, 4 रोड ओवर ब्रिज तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंगों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा एक बड़े और ऊंचे रेलवे वायडक्ट का भी निर्माण प्रस्तावित है।
रेलवे स्टेशन प्रस्तावित बताए गए हैं- ग्यासपुरखेड़ी, चिकट्यावड़, नीमगढ़, सराय तालाब, झाड़ी बड़ौदा, केलौद और कमदपुर।
प्रमुख एवं इस मामले में जनहित याचिकाकर्ता मनोज मराठे ने कहा कि मनमाड-इंदौर रेल परियोजना को लेकर लंबे समय से क्षेत्र की जनता की मांग और संघर्ष जारी है। रेल परियोजना के अधिकारी किशोर सिंह ने टेंडर प्रक्रिया से समिति को अवगत करवाया की इस परियोजना का काम अब पहली बार मनमाड इन्दोर के नाम से धरातल पर भी शुरु होने जा रहा है। मराठे ने कहा कि 72.66 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण रेलखंड के लिए करीब 5 हजार करोड़ रु. का टेंडर जारी होना मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि परियोजना को धरातल पर लाने के लिए लगातार जनहित में आवाज उठाई गई और न्यायालय के माध्यम से भी प्रयास किए गए। इस परियोजना के लिए निर्माण कार्य और टेंडर जारी करने तक की प्रक्रिया में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष अंतर सिंह, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, खरगोन बड़वानी सांसद गजेंद्र पटेल, त्तकालीन राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी का विशेष सहयोग समय समय पर मिला है। इस रेलखंड में 25 बड़े पुल, 7 रेलवे स्टेशन, 4 आरओबी, अनेक छोटे पुल, सुरंगें और विशाल वायडक्ट जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य होंगे। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को 48 माह अर्थात चार वर्ष की निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा।
औद्योगिक और कृषि विकास को मिलेगा
बढ़ावा- मनमाड-इंदौर रेल लाइन के निर्माण से मालवा-निमाड़ क्षेत्र को महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत के प्रमुख बाजारों से बेहतर रेल संपर्क मिलने की संभावना है। इससे कृषि उपज के परिवहन, माल ढुलाई, उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जारी निविदा के अनुसार पहली प्री-बिड बैठक 30 नवंबर 2026 तथा दूसरी प्री-बिड बैठक 30 दिसंबर 2026 को होगी। ऑनलाइन बोली प्रक्रिया 4 फरवरी 2027 से शुरू होगी तथा निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी 2027 सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है। निविदा में भाग लेने वाली फर्मों के लिए लगभग 9.86 करोड़ रु. की ईएमडी निर्धारित है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




