धार प्र.नि. नितिन राठौर)। संगठन में ऊंचे पदों और जिलाध्यक्ष की कुर्सी का सपना देख रहे बदनावर के एक स्थानीय नेताजी इन दिनों अपनी डिजिटल झांकी को लेकर राजनीतिक गलियारों में जमकर ट्रोल हो रहे हैं। मामला तब गरमाया जब नेताजी ने इंदौर में पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की आगवानी में शिरकत की, वहाँ (सिटी ब्लास्ट उन्होंने गुजरात से आए पार्टी की युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के करीब पहुंचकर एक चमचमाती हुई तस्वीर खिंचवाई और बिना देर किए उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपलोड कर दिया। कैप्शन में राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति ऐसी निष्ठा दिखाई गई, मानो जिलाध्यक्ष पद का लिफाफा उनके नाम ही खुलने वाला है, वही सोशल मीडिया पर तो नेताजी की इस इंदौर वाली झांकी को खूब लाइक्स मिले, लेकिन जैसे ही वे अपने गृह जिले धार के स्थानीय कार्यक्रम में पहुंचे, हकीकत कुछ और ही बयां कर गई। धार के कार्यक्रम में न तो उनके गुट के कार्यकर्ता दिखे और न ही स्थानीय बड़े नेताओं ने उनसे दूरी कम की,आलम यह रहा कि इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मुस्कुराने वाले नेताजी धार के मंच और मैदान में बिल्कुल अकेले एकला चलो रे की तर्ज पर घूमते पाए गए। अब विरोधी गुट और पार्टी के ही स्थानीय कार्यकर्ता इस वाकये पर चटखारे ले रहे हैं, सोशल मीडिया पर यह पोस्ट वायरल है कि जो इंदौर में राष्ट्रीय नेताओं के साथ वीआईपी होने का दम भरते हैं, वे अपने जिले में अपनों का ही साथ नहीं जुटा पा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह वाकया साफ करता है कि दिल्ली-इंदौर की फोटो से ज्यादा, जिले की अंदरूनी गुटबाजी और जमीनी पकड़ ही अंततः राजनीति तय करती है,इस घटनाक्रम के बाद धार और बदनावर भाजपा के भीतर
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 22 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




