पूरे मध्य प्रदेश में शिक्षा के हब के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर को शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में झटका लगा है। राज्य सरकार के द्वारा चयनित किए गए 33 शिक्षकों में से इंदौर का एक भी नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में पूरे मध्य प्रदेश में इंदौर को सबसे अग्रणी शहर माना जाता है। इसके पीछे कारण यह है कि यही एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर की आईआईटी और आईआईएम जैसे उच्च और तकनीकी शिक्षा के संस्थान है। इसके साथ ही प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए इंदौर में सभी नामी और प्रतिष्ठित संस्थान काम कर रहे हैं। यदि सरकारी स्कूलों की शिक्षा के मामले को भी देखा जाए तो इंदौर में सरकारी स्कूलों के भवन किसी निजी स्कूलों की तुलना में ज्यादा अच्छे और सुविधाजनक बन गए हैं। सरकारी स्कूलों में भी शिक्षा का स्तर पूर्व की तुलना में बहुत बेहतर होता हुआ नजर आ रहा है। कल शनिवार को शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य सरकार के द्वारा प्रदेश के श्रेष्ठ शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के लिए चयनित किए गए शिक्षकों के नाम की सूची कल शाम को जारी कर दी गई। इस सूची में 33 शिक्षकों के नाम लिए गए हैं। इसमें से 18 शिक्षक प्राथमिक विद्यालय के हैं जबकि 15 शिक्षक माध्यमिक विद्यालय के हैं। इसमें इंदौर के एक भी शिक्षक का चयन नहीं हो सका है। इस सूची की जानकारी मिलने के बाद शिक्षक वर्ग में अफसोस की स्थिति बन गई है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




