प्रसिद्ध शहनाई वादक गजानन वारुडे की वादन प्रस्तुति हुई। प्रस्तुति में राग आहिर भैरव प्रस्तुत किया गया जिसमें एकताल में निबद्ध रचना का मंचन किया। तत्पश्चात मध्य लय में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। तत्पश्चात राग वृंदावनी सारंग में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। अंत में राग पहाड़ी में धुन प्रस्तुत की, तत्पश्चात छात्रों को शहनाई जैसे दुर्लभ वाद्य के बारे में जानकारी दी। तबले पर संगत सारंग लासुरकर ने की, आभार प्रदर्शन स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के कपिल पौराणिक ने किया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




