न.प्र.)। सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि शहर के प्रमुख शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। शास्त्राी ब्रिज को अभी नहीं तोड़ा जाएगा जबकि पहले नया समानांतर ब्रिज बनाया जाएगा। पूरा प्रयास है कि दो वर्ष बाद होने वाले सिंहस्थ के पूर्व नया शास्त्राी ब्रिज बन जाए और ब्रिज बनने के बाद ही पुराने ब्रिज को तोडा जाएगा। लालवानी ने बताया कि लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से नए समानांतर पुल का निर्माण होगा। नए ब्रिज निर्माण के दौरान पुराने ब्रिज से यातायात व्यवस्था पूर्ववत सुचारु बनी रहेगी, आवागमन में कोई परेशानी नहीं होगी। सांसद ने कहा कि लगातार पहल और प्रयासों के कारण शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को गति मिली है। सांसद लालवानी द्वारा इंदौर की प्रमुख अधोसंरचनाओं को मजबूत करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर लगातार संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जा रही है। शास्त्री ब्रिज का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा।
नए ब्रिज की ऊंचाई वर्तमान शास्त्री ब्रिज की तुलना में अधिक रखी जाएगी, जिससे भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर और आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सके। प्रस्तावित ब्रिज का एक छोर संभागायुक्त कार्यालय क्षेत्र से प्रारंभ होकर रीगल टॉकीज की ओर रहेगा। यह ब्रिज इन्दौैर के यातायात के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े ने सर्वे एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सर्वे का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।
सर्वे के आधार पर ब्रिज के एलाइनमेंट, संरचना, ऊंचाई, चौड़ाई, यातायात प्रबंधन सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। रेलवे हिस्से के कार्य का सुपरविजन रेलवे विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि ब्रिज के निर्माण का कार्य इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। रेलवे क्षेत्र से जुड़े तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का समुचित पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 11 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




