मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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स्कूल शिक्षा विभाग ने विकलांग और जनगणना में लगे कर्मचारियों का कर दिया तबादला

विभाग के आदेश से शिक्षकों में मचा हड़कंप

स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा विकलांग और जनगणना के कार्य में लगे हुए कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की तबादला नीति में स्पष्ट है कि जो कर्मचारी जनगणना के कार्यों में लगे हैं उन्हें अभी स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। इस नीति के विपरीत जाकर स्कूल शिक्षा विभाग में तबादला आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। स्कूल शिक्षा विभाग में नई तबादला नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। आश्चर्य का विषय है कि यह सब वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में हो गया। जबकि इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अध्यापक वर्ग 3, लिपिकों और भृत्यों के तबादलों में तबादला नीति का उल्लंघन किया गया। यह सभी तबादले जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के पश्चात भेजी गई सूची पर प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए अनुमोदन के बाद होते हैं। बताया जाता है कि इंदौर जिले में पांच विकलांग शिक्षकों को अतिशेष बताकर उनका तबादला कर दिया गया। जबकि इस वर्ष की तबादला नीति के अनुसार विकलांग शिक्षकों का तबादला उनकी सहमति के बिना नहीं किया जा सकता है। इन सभी शिक्षकों ने हाई कोर्ट की शरण ली है वहां से विभाग को नोटिस भी जारी हो गए हैं। वहीं जिले में अध्यापक वर्ग 3 के 7 ऐसे शिक्षकों के भी तबादले कर दिए गए जो की जनगणना कार्य में लगे हुए थे। जबकि तबादला नीति में स्पष्ट कहा गया था कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के तबादले नहीं किए जा सकते हैं। यह भी बताया जाता है कि सुनील भाटी प्राथमिक शिक्षक का तबादला बढ़िया हाट से भागीरथपुरा किया गया है। इसे प्रशासनिक तबादले की सूची में शामिल कर अनुमोदन करा लिया गया जबकि किसी भी जनप्रतिनिधि ने सुनील भाटी के लिए अनुशंसा नहीं की है। जनप्रतिनिधियों की सूची में इनका नाम इंदौर कार्यालय द्वारा अनुमोदित लिखा गया है वहीं विभागीय जांच के चलते हुए भी लिपिक जितेंद्र धायगुड़े का तबादला सुभाष हायर सेकेंडरी स्कूल से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय किया गया है। जबकि तबादला नीति में स्पष्ट किया गया है कि विभागीय जांच के चलते किसी भी कर्मचारी, शिक्षक, भृत्य का तबादला नहीं किया जा सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नियम विरुद्ध हुए तबादलों में संशोधन या निरस्तीकरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी से सूची मांगी थीं। नए जिला शिक्षा अधिकारी शौर्य मल्होत्रा द्वारा तबादला समिति के वरिष्ठ अधिकारियों को सूची अनुमोदन के लिए भेजी गई थी लेकिन यह सूची डीपीआई कार्यालय तक नहीं पहुंची। अब इस मामले में कई शिक्षकों के द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन के समक्ष शिकायत की गई है। उनके द्वारा इन शिकायत के संदर्भ में स्कूल शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जानकारी मांगी गई है। उनका कहना है कि अभी जानकारी मेरे पास तक नहीं आई है। जैसे ही जानकारी मेरे पास आएगी वैसे ही कलेक्टर के समक्ष इस जानकारी को रखा जाएगा और फिर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें