मानसून अपने अंतिम दिनों में है और इस साल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का वितरण सामान्य नहीं रहा है। इंदौर की सामान्य मौसमी बारिश लगभग 29 से 30 इंच के आसपास होती है। लेकिन आज हमें यह सोचने की जरूरत है कि आने वाले समय में अगर पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो हमारे भूजल स्तर और पानी की उपलब्धता पर इसका क्या असर पड़ेगा। मैं आपसे एक बहुत महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूँ। हर साल ग्राम पंचायत की ओर से मैं निःशुल्क पानी आपके घरों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जब भी जरूरत पड़ती है, हमारी कोशिश रहती है कि किसी परिवार को पानी के लिए परेशान न होना पड़े। लेकिन साथियों, पानी टैंकर से हमेशा नहीं आता। पानी का असली स्रोत हमारी जमीन के अंदर है। अगर बारिश कम होती रही और हम आज पानी को जमीन में नहीं उतारेंगे, तो धीरे-धीरे भूजल स्तर नीचे जा सकता है और अगर जमीन के अंदर पानी ही पर्याप्त नहीं रहा, तो बोरिंग में पानी नहीं आएगा और जब बोरिंग में पानी नहीं होगा, तो सिर्फ टैंकर भेजकर समस्या का समाधान करना भी आसान नहीं रहेगा। मैं आज आपको यह बात डराने के लिए नहीं कह रहा हूँ। मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि आज हमारे पास समस्या को रोकने का समय है। कल अगर भूजल बहुत नीचे चला गया, बोरिंग सूखने लगे और पानी के स्रोत कम होने लगे, तो आप तक पानी पहुँचाने में भी हमें बहुत अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए मेरा आप सभी से निवेदन है— पानी सिर्फ इस्तेमाल मत कीजिए, पानी बचाइए। घर में नल खुला न छोड़ें। लीकेज तुरंत ठीक करवाएँ। वाहन और घर की सफाई में जरूरत से ज्यादा पानी बर्बाद न करें। जहाँ संभव हो, रैन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पीट बनवाएँ। घर की छत का बारिश का पानी नाली में बहाने के बजाय जमीन में उतारने का प्रयास करें। क्योंकि जो पानी आज हम जमीन में पहुँचाएँगे, वही पानी कल हमारे बोरिंग में वापस आएगा। मैं चाहता हूँ कि नैनोद सिर्फ विकास के मामले में आगे न बढ़े, बल्कि जल संरक्षण में भी एक उदाहरण बने। पंचायत अपना काम करेगी। मैं अपना काम करूंगा। लेकिन पानी बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। आज अगर हम मिलकर पानी बचाएँगे, तो कल किसी परिवार को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। लेकिन अगर हमने आज पानी को बेवजह बहने दिया, तो कल हमें पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। इसलिए आज नैनोद से एक संकल्प लें— बारिश आए तो पानी बहने नहीं देंगे। बारिश कम हो तो पानी बर्बाद नहीं करेंगे। और बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा जमीन में उतारेंगे।
पानी है तो जीवन है। पानी है तो खेती है। पानी है तो हमारा विकास है। और पानी है तो हमारा भविष्य है। मैं आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ— पानी बचाइए, पानी रोकिए और पानी जमीन में उतारिए। जल है तो कल है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 29 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




