संसद की कार्रवाई पर हर घंटे करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन इस बार मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज नहीं के बराबर हुआ जिससे करोड़ों रुपए व्यर्थ बह गए। राज्यसभा की कार्यवाही 46 बार और लोकसभा की 42 बार स्थगित हुई। दोनों सदनों में रोजाना 7-8 घंटे के बजाय करीब एक घंटे ही काम हो सका। लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं हो पाया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




