से गुजरते वक्त साठ वर्षीय महिला की तबीयत बिगड़ जाने से मौत हो गई। देश में वायु प्रदूषण की तरह तेज आवाज का शोर भी गंभीर समस्या बन गया है। महानगरों से लेकर छोटे कस्बे तक ध्वनि प्रदूषण की जद में हैं। इससे मानव स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकते हैं। लगातार अत्यधिक शोर के संपर्क में रहने से उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, मानसिक तनाव, बहरापन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कई दफा इसके तात्कालिक एवं गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। ऐसी ही एक घटना उत्तर प्रदेश के बरेली में बीते सोमवार को सामने आई, जब सड़क पर तेज आवाज में बज रहे डीजे के पास से गुजरते वक्त साठ वर्षीय महिला की तबीयत बिगड़ जाने से मौत हो गई। सवाल है कि जब ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए कानून में सख्त प्रावधान हैं, तो फिर सार्वजनिक स्थलों पर बहुत तेज आवाज में डीजे बजाने या लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति क्यों और कैसे दी जाती है? अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत क्यों महसूस नहीं की जाती? गौरतलब है कि देश में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) अधिनियम के तहत विभिन्न स्थलों पर ध्वनि के स्तर की सीमाएं निर्धारित की गई हैं। सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर इसके संकेतक लगाने के भी प्रावधान हैं। कई जगह सड़कों के आसपास के रिहाइशी इलाकों को आधिकारिक तौर पर वाहनों के लिए ध्वनि निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। बड़े शहरों में ध्वनि प्रदूषण की निगरानी के लिए विशेष यंत्र लगाए गए हैं। मगर इन सब व्यवस्थाओं के बावजूद तेज आवाज के शोर पर लगाम नहीं लग पा रही है। जाहिर है कि इसके लिए संबंधित महकमों की लापरवाही ही जिम्मेदार है। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को तो बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है, लेकिन ऐसी ही गंभीरता सड़कों पर होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने में नजर नहीं आती है। ऐसे में अहम सवाल यह है कि सड़क पर तेज आवाज में डीजे बजाने से अगर किसी की जान चली जाती है, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है? शासन-प्रशासन को इस पर गंभीरता से गौर करना चाहिए कि सिर्फ कागजों में कानून बना देने से कुछ नहीं होता, व्यवस्था में सुधार तभी हो पाता है, जब उसे सख्ती से लागू किया जाए।
इंदौर। हातोद थाना क्षेत्र में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 26 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




