संभागायुक्त भास्कर लक्षकार की अध्यक्षता में शासकीय श्री अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय इंदौर की परामर्शदात्री समिति की बैठक कल आयोजित की गई। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि दुर्लभ और महत्वपूर्ण पुस्तकों का अलग से कार्नर बनाये और उसकी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का डिजिटल कैटलॉक तैयार कर आम लोगों की पहुंच में लाने के प्रयास प्रारंभ किया जाए। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के अध्ययन के लिये समय बढ़ेगा। प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी की गई। पुस्तकालय में अध्ययन करने वाले पाठकों और विद्यार्थियों को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिये उपलब्ध पुस्तकों एवं पत्रिकाओं की सूची का डिजिटायलेशन किया जाये, ताकि आम पाठक घर बैठें भी पुस्तकालय में उपलब्ध किताबों की जानकारी प्राप्त कर सकें। सभी पुस्तकों की सूची को पब्लिक डोमेन या ओरा सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध कराने के प्रयास किये जाये। पुस्तकालय में वर्षों पुराने कई गजट और पुरानी पुस्तके सहित पत्रिकाएं उपलब्ध है उन्हें व्यवस्थित किया जाये। संभागायुक्त ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर उनसे आवश्यक सुझाव लिये। सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन भी किया, आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। हर्षिता डेविड, डॉ. परीक्षित झाड़े, अनिता चौहान, शोर्य मल्होत्रा, डॉ डीके अग्रवाल, डॉ. अनिल भंडारी, अतुल सेठ और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
उसका भतीजा सागर पिता भरत गवलानी के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




