नरसिंह वाटिका बिजासन रोड पर चातुर्मास में महासती साध्वी डॉ. कुमुदलता म.सा. के आशीर्वचन सुनने जैन समाजजन पहुंच रहे है। कल आध्यात्मिक श्रद्धा, तप एवं आराधना का अनुपम संगम देखने को मिला। प्रभु पार्श्व पद्मावती एकासना आराधना के अंतर्गत इंदौर में 900 साधकों ने एकासना आराधना की, जबकि देशभर से लगभग 3500 साधकों ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर इस पुण्य आराधना में सहभागिता की। साध्वी ने प्रवचन में 'सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई' विषय पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि संसार में अधिकांश संबंध स्वार्थ पर आधारित होते हैं। जब व्यक्ति के पास धन होता है तो उसके आसपास अनेक लोग होते हैं, लेकिन वास्तविक सुख धन, वैभव या बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर छिपा होता है। योगिता पीपाड़ा ने 11 उपवास के पच्चखाण ग्रहण किए। इसके अतिरिक्त दो एवं तीन उपवास सहित अनेक तपस्वियों की तप आराधना निरंतर जारी है। प्रकाश जैन भटेवरा, रमेश भंडारी, विपुल डांगी, राजेन्द्र चौराडिया, हंसकुमार जैन ने अपनी भूमिका निभाई।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




