इंदौर। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नेशनल लोक अदालत में आशातीत सफलता प्राप्त हुई है। इसके लिए कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रभावी तैयारी की गई थी। औसतन प्रत्येक जिले में हजारों नोटिस जारी किए गए थे। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य सतर्कता अधिकारी एसआर बमनके ने बताया सभी 15 जिलों में कार्मिकों के माध्यम से तैयारी की गई थी। इसी के फलस्वरूप कंपनी स्तर पर 12 करोड़ रूपए सिविल आंकलित राशि के 8160 प्रकरणों का निराकरण हुआ। ऊर्जा विभाग के निर्देश अनुसार तीन करोड़ रुपए से अधिक की रियायत प्रदान की गई। तीन। इस लोक अदालत में 10 लाख रुपए तक के सिविल दायित्व के प्रकरणों में समझौता करने की पात्रता थी। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौता हुआ। प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट, इसी तरह लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई। उपरोक्त रियायत समस्त घरेलू,5 किलोवाट तक के गैर घरेलू, 10 एचपी तक के आईपी औद्योगिक कनेक्शन से संबद्ध प्रकरणों पर ही देय रही।
इंदौर
(सिटी ब्लास्ट अध्यापक अधिकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 13 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




