सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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राखी पर बहनों के प्री सफर का बिल आज निगम को दे सकती है एआईसीटीएसएल

6 हजार से ज्यादा महिलाओं ने सिटी बसों में किया था निःशुल्क सफर; पुराने प्री सफर का करीब 65 करोड़ रुपए बकाया

रक्षाबंधन पर बहनों को सिटी बसों में मुफ्त सफर की सौगात देने के बाद अब इसका बिल नगर निगम के सामने आने वाला है। एआईसीटीएसएल (अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड) आज या कल रक्षाबंधन पर हुए निःशुल्क सफर का बिल नगर निगम को सौंप सकती है। इस साल 6 हजार से ज्यादा महिलाओं ने शहर की सिटी बसों में मुफ्त यात्रा की है। खास बात यह है कि इस बार मुफ्त सफर की घोषणा अंतिम समय में हुई थी और इसका पूरा खर्च नगर निगम द्वारा उठाने पर सहमति बनी थी।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त सफर की घोषणा को लेकर इस बार शुरुआत से ही असमंजस की स्थिति थी। एआईसीटीएसएल और बस ऑपरेटर आर्थिक नुकसान उठाने की स्थिति में नहीं थे। यही वजह थी कि कंपनी की ओर से प्रदेशभर में मुफ्त सफर की घोषणा नहीं की गई थी। इसी बीच चार्टर्ड बस सेवा के ऑपरेटर ने अपनी इंटरसिटी बसों में महिलाओं के लिए निःशुल्क सफर की घोषणा कर दी और इसका आर्थिक भार भी खुद उठाने की बात कही।

मांग उठी तो निगम को लेना पड़ा फैसला

इंटरसिटी बसों में मुफ्त सफर की जानकारी सामने आने के बाद इंदौर में सिटी बसों में भी महिलाओं को यह सुविधा देने की मांग उठी। नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट इसी मांग को लेकर सिटी बस कंपनी के कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को पत्र देकर रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए सिटी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा करने की मांग की। मामला गरमाने के बाद महापौर ने भी मोर्चा संभाला और एआईसीटीएसएल के अधिकारियों को महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की घोषणा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कंपनी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एआईसीटीएसएल और बस ऑपरेटर पहले से आर्थिक दबाव में हैं और मुफ्त सफर से होने वाले नुकसान की भरपाई किए बिना यह फैसला लेना मुश्किल होगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले वर्षों के मुफ्त सफर का करीब 65 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक लंबित है।

महापौर ने कहा- निगम करेगा भुगतान

अधिकारियों की आपत्ति के बाद महापौर ने स्पष्ट किया कि रक्षाबंधन पर महिलाओं के मुफ्त सफर का खर्च नगर निगम वहन करेगा। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों ने एआईसीटीएसएल को लिखित में भी दिया कि इस साल मुफ्त सफर की राशि का भुगतान निगम द्वारा किया जाएगा। इसके बाद कंपनी ने महिलाओं के लिए रक्षाबंधन पर सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू कर दी। अब त्योहार बीत चुका है और हजारों महिलाएं इस सुविधा का लाभ ले चुकी हैं। ऐसे में एआईसीटीएसएल की ओर से मुफ्त सफर का बिल निगम को भेजे जाने की तैयारी है। कंपनी सूत्रों के अनुसार बिल आज या कल निगम को दिया जा सकता है।

सालों से नहीं हुआ भुगतान

बकाया पहुंचा 65 करोड़ के करीब एआईसीटीएसएल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रक्षाबंधन पर पिछले कई वर्षों से महिलाओं को मुफ्त सफर कराया जाता रहा है, लेकिन इसके एवज में होने वाले खर्च का भुगतान नगर निगम की ओर से नियमित रूप से नहीं किया गया। इसके चलते यह राशि अब करीब 65 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। चूंकि एआईसीटीएसएल शासकीय व्यवस्था के तहत संचालित होती है, इसलिए कई मामलों में बिलों का आपसी समायोजन कर लिया जाता है। हालांकि पुराने बकाया के भुगतान या समायोजन को लेकर फिलहाल कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में इस बार रक्षाबंधन के मुफ्त सफर का नया बिल आने के साथ ही निगम के सामने पुराने बकाए और नए भुगतान का मुद्दा भी खड़ा होगा।

एक दिन की मुफ्त यात्रा, लेकिन निगम पर फिर आर्थिक भार

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा देने का फैसला भले ही त्योहार के लिहाज से राहत देने वाला रहा हो, लेकिन इसके साथ नगर निगम पर एक और वित्तीय भार जुड़ गया है। एक तरफ एआईसीटीएसएल के पुराने करीब 65 करोड़ रुपए के बकाए का मामला लंबित है, वहीं अब इस साल के मुफ्त सफर का भुगतान भी निगम को करना होगा।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 30 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें