पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह कल इन्दौर बैठक में आए थे और उसके बाद मीडिया से चर्चा में सिंह ने राज्य की भाजपा सरकार द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने और उससे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के फैसले की निंदा की है। अजय सिंह ने इसे एक राजनीतिक विद्वेष से भरा कदम बताया और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल नाम बदल देने से इतिहास के पन्नों और जनता के दिलों से राजीव गांधी के योगदान को मिटाया नहीं जा सकता। अजय सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा सरकार ने एक सुनियोजित साजिश के तहत ही राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने का प्रपंच रचा है, ताकि देश के महान नेता का नाम इस प्रतिष्ठित संस्थान से विलोपित किया जा सके। उन्होंने भारत के आधुनिक विकास में राजीव गांधी के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में कंप्यूटर तकनीक और आधुनिक प्रौद्योगिकी को लाने का पूरा श्रेय राजीव गांधी जी को जाता है। उन्होंने ही भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत की थी, जिसने आज हमारे देश को वैश्विक स्तर पर एक आईटी महाशक्ति के रूप में स्थापित किया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका यह योगदान अविस्मरणीय है और इसके लिए देश उन्हें हमेशा याद रखेगा। अजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार जनहित के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की नाम बदलने की राजनीति कर रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




