नगर निगम ने बारिश के इंतजार में अपने 21 लाख पौधे लगाने के अभियान पर फिलहाल ब्रेक लाग दिया है, अब जब तक अच्छी बारिश नहीं होगी तब तक पौधे नहीं लगाए जाएंगे। इस स्पष्ट निर्देश उद्यान विभाग के प्रभारी और एमआईसी सदस्य राजेन्द्र राठौर ने दिए है उन्होंने कहा कि जहां प्रतिदिन पौधो को पानी देने की व्यवस्था पहले से कायम हो वहीं पौधे लगाए, जहां पर पानी नहीं हो वहां पौधे नहीं लगाए जाएं। प्रभारी ने कहा एक सप्ताह तक रिमझिम अच्छी बारिश होने के बाद ही पौधे लगाएं जाएंगे, कम बारिश होने के कारण पौधे को नुकसान होता है और उसकी ग्रोथ नहीं होती। इसके अलावा जो पौधे बीते सप्ताह बुढानिया की पहाड़ी पर लगाए गए थे उनकी देख-भाल बीएसएफ और नगर निगम द्वारा की जा रही है, यहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है, ताकि पौधे जीवित रहे।
फिलहाल पर्यावरणविदों ने भी यही सलाह दी है कि पौधे बड़ी संख्या में अभी एक साथ नहीं लगाए जाएं जब तक जमीन में अच्छा पानी नहीं पहुंचता तब तक पौधे जड़ नहीं पकड़ेंगे। पर्यावरणविद् ओ पी जोशी ने बताया कि वर्तमान में जो बारिश की लंबी गैप हुई है इसके कारण फिलहाल अभी बड़ी संख्या में पौधे लगाना ठीक नहीं है, पौधे लगाने के लिए 4 से 5 दिनों की बारिश होना आवश्यक है, अधिकांश स्थानों पर बड़े पौधे ही लगाए जाने चाहिए क्योंकि छोटे पौधे पनपने में समय लेते हैं, साथ ही पानी की कमी और तेज धूप के कारण यह मर जाते हैं इसीलिए 5 फीट से ऊंचा पौधा लगाया जाना चाहिए जो की तीन से चार माह में जड़ें पकड़ लेता है। इधर पर्यावरणविदों की सलाह पर नगर निगम ने भी फिलहाल बड़े पौधारोपण अभियान पर ब्रेक लगा दिया है। एमआईसी मेंबर राठौर ने उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए है जब तक बारिश नहीं होती तब तक पौधे नहीं लगाए जाएंगे। इस खाली समय में पौधारोपण के स्थल जिन्हें चिन्हित किया गया है उन पर तैयारियां शुरू कर दी जाए। उन्होंने पौधारोपण साइट पर गड्ढे खोदने का काम पूरा किया जाए, साथ ही पानी की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा यह भी तय किया जा रहा है कि नगर निगम 21 लाख पौधों में से नगर निगम सीमा में कितने पौधे लगाए जाएंगे, इसके लिए जमीनों की तलाश की जा रही है। सभी जोन अधिकारियों से कहा कि गया है कि वे अपने जोन क्षेत्र की सरकारी जमीनों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। अब तक 6 लाख पौधे लगाने के लिए जमीन चिहिन्त की जा चुकी है। नगर निगम ने इस बार पौधारोपण अभियान में 4 फीट उंचाई वाले पौधे लगाने का निर्णय लिया गया है, इसके पीछे तर्क दिया है कि छोटे पौधों को विकसित करने में अधिक समय लगता है, साथ छोटे पौधे जल्दी मरते है। एमआईसी सदस्य राठौर ने बताया कि इस वर्ष पौधारोपण अभियान के लिए नगर निगम वन विभाग से करीब 2.5 लाख पौधे खरीदेगा। लगभग चार फीट ऊंचाई वाले इन पौधों की कीमत 25 से 30 रुपये प्रति पौधा होगी। पौधे इंदौर सहित आसपास के शहरों से लाए जाएंगे, जिसका पूरा खर्च निगम वहन करेगा। इसके अलावा आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी से 10 से 12 फीट ऊंचाई वाले 50 हजार से अधिक पौधे भी मंगवाए गए हैं। इसके लिए करीब 20 गाड़ियों के माध्यम से पौधों की आपूर्ति की जा रही है, ताकि बारिश शुरू होते ही व्यापक स्तर पर हरियाली अभियान चलाया जा सके।
राठौर ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जितने पौधे की जरूरत है उतने ही खरीदे जाए, पौधों का नुकसान किसी स्थिति में नहीं होना चाहिए। जिस आकार के पौधों की जरूरत हो, केवल वही खरीदे जाएं। अनावश्यक खरीद से बचने और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही पौधारोपण अभियान को बेहतर योजना के साथ संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 20 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




