शहर में बाहर से आने वाले वाहन चालकों को अब चौराहे पर रुककर रास्ता पूछने की जरूरत कम होगी। नगर निगम 70 नई जगहों पर गेंट्री गेट यानी मार्ग संकेतक लगाने जा रहा है। खास बात यह है कि इन गेंट्री गेट का निर्माण निजी एजेंसी से करवाकर इन्हें 10 साल के लिए विज्ञापन के ठेके पर देने की तैयारी है। इससे निगम को बिना अतिरिक्त खर्च के बेहतर मार्ग संकेतक मिलेंगे और विज्ञापन के जरिए आय भी
दिशा बताने वाले बोर्ड ही पोस्टरों से ढंक जाते हैं- निगम होगी।
आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि शहर में पहले से लगे कई गेंट्री गेट का उद्देश्य बाहर से आने वाले लोगों को प्रमुख स्थानों और मार्गों की जानकारी देना है। खासकर रात में अनजान शहर में पहुंचने वाले यात्रियों के लिए ये संकेतक काफी उपयोगी होते हैं। लेकिन शहर में राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान यही गेंट्री गेट पोस्टर- बैनर का ठिकाना बन जाते हैं। जन्मदिन से लेकर रैली-जुलूस और अन्य आयोजनों के बैनर इतने बड़े आकार में लगाए जाते हैं कि दिशा बताने वाला पूरा बोर्ड ही नजर नहीं आता। निगम की टीम समय-समय पर ऐसे बैनर-पोस्टर हटाती है, लेकिन कार्रवाई के बाद फिर होगी।
आसानी से मिलेगी।
वाहन चालकों पर पड़ता है। उन्हें रास्ता पूछने के लिए सड़क किनारे रुकना पड़ता है या गलत दिशा में जाने के बाद वापस लौटना पड़ता है। रखने की योजना है। यानी विज्ञापन लगेगा, लेकिन वह दिशा और स्थान की जानकारी को ढंक नहीं सकेगा। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि 70 नए मार्ग संकेतक नागरिकों और शहरी यातायात की सुविधा के लिए लगाए जाएंगे। इनके निर्माण के साथ 10 साल तक विज्ञापन के लिए ठेका देने की मंजूरी एमआइसी से मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि गेंट्री गेट इस तरह बनाए जाएंगे कि वे मजबूत होने के साथ दूर से स्पष्ट दिखाई दें। विज्ञापन के लिए भी निश्चित स्थान तय किया जाएगा, ताकि मार्ग संकेतक का मूल उद्देश्य प्रभावित न हो। 70 जगहों पर नए मार्ग संकेतक, 10 साल के लिए विज्ञापन का ठेका, विज्ञापन के लिए अलग स्थान तय होगा।
साइड एंगल, निगम की कमाई का नया रास्ता
नगर निगम की योजना सिर्फ नए गेंट्री गेट लगाने तक सीमित नहीं है। इन्हें विज्ञापन के लिए ठेके पर देकर निगम अपनी आय बढ़ाना चाहता है। यानी जिस ढांचे पर अभी पोस्टर लगाने को लेकर निगम को बार-बार कार्रवाई करनी पड़ती है, उसी को अब व्यवस्थित विज्ञापन व्यवस्था के जरिए राजस्व का साधन बनाया जाएगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 5 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




