एमआईसी सदस्य नन्दकिशोर पहाड़िया ने निगम के सामान्य प्रशासन विभाग कक्ष में आगामी प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्वों की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। गणेश उत्सव, गणेश विसर्जन चल समारोह, गोगा नवमी, विभिन्न कपड़ा मिलों की पारंपरिक झांकियों एवं अखाड़ों से संबंधित व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अधिकारियों को अवगत कराया गया कि इन आयोजनों के लिए पूर्व में शासन द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि वर्तमान में बंद कर दी गई है। पहाड़िया ने कहा कि इंदौर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं को किसी भी स्थिति में समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की अनुदान राशि के स्थान पर निगम अपने स्तर पर अंशदान राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे, ताकि वर्षों से चली आ रही धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएँ पूर्ववत जारी रह सकें। गणेश विसर्जन जुलूस में निकलने वाली मिलों की झांकियों को निगम द्वारा 2-2 लाख रुपये अनुदान दिए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। वाल्मीकि समाज के गोगानवमी शोभायात्रा जुलूस और झांकियों पर भी चर्चा हुई। प्रत्येक अखाड़े को 15 हजार रु. अनुदान दिए जाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान बैठक में अधिकारी अभय राजनगांवकर, देवधर दरवई, पीएस कुशवाह, राजेन्द्र गरोठिया, अभिषेक सिंह, प्रदीप दुबे सहित अन्य मौजूद थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




