पर्यावरण प्रेमी मंच से जुड़े एवं एमओजी लाइंस के रहवासी प्रकाश सोनी, महेश सेंगर, शरद यादव और अमित शिंदे तथा पर्यावरण प्रेमी मंच के अजय लागू, चंद्रशेखर गवली, संदीप खानवलकर ने कहा कि एमओजी लाइन की हरियाली पर वार करते हुए 25 से ज्यादा पेड़ काटे गए, इन पेड़ काटने से निगम की अनुमति सवालों में घिरी है। पर्यावरण प्रेमियों एवं रहवासियों ने विरोध भी किया और यह भी कहा कि शहर में हरियाली बढ़ाने और पुराने पेड़ों को बचाने के प्रयासों के बीच एमओजी लाइंस क्षेत्र में 25 से अधिक हरे-भरे पेड़ों की कटाई ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यावरण प्रेमी मंच के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ कटाई का विरोध किया और नगर निगम से कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की। पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार, विरोध के दौरान नगर निगम के उद्यान विभाग के अधिकारियों ने पेड़ काटने की अनुमति का पत्र दिखाया। मौके पर काटे गए पेड़ों की लकड़ी को नगर निगम के स्टोर में भेजते हुए भी देखा गया। मंच का आरोप है कि इनमें कुछ ऐसे पेड़ भी शामिल थे, जिन्हें स्थानांतरित किया जाना था, लेकिन उन्हें प्रत्यारोपित करने के बजाय ऊपर से काट दिया गया। खास बात यह है कि कथित तौर पर मौके पर किसी विशेषज्ञ की मौजूदगी भी नहीं थी। सभी ने प्रश्न उठाया कि प्रत्यारोपण वाले पेड क्यों काटे गए और यह अनुमति किस स्तर और किस प्रक्रिया के अन्तर्गत दी गई यह भी स्पष्ट होना चाहिए। मंच के अनुसार इतनी संख्या में पेड़ों की कटाई की अनुमति हाई पावर कमेटी के स्तर से संबंधित है। ऐसे में अनुमति की प्रति, पेड़ों की संख्या, प्रजातिवार विवरण और कटाई के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। मंच के सदस्यों के अनुसार, उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर यह भी कहा कि वे स्वयं पेड़ काटना नहीं चाहते, लेकिन ऊपर से मिले आदेशों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है। पर्यावरण प्रेमियों का सवाल है कि जब शहर में हरियाली बचाने के लिए लगातार अभियान चल रहे हैं, तब इतने पेड़ों को काटने की कार्रवाई रहवासियों को पहले से जानकारी दिए बिना क्यों की गई?

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




