कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई
को साथ लेकर उग्र आंदोलन और रहवासियों को झूठे चालान का डर दिखाकर अनुचित वसूली करते हैं। यही नहीं, जांच में जिन मीटरों में कोई गड़बड़ी या चोरी नहीं पाई जाती, उन पर भी बेवजह भारी-भरकम चालान बनाकर निर्दोष उपभोक्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। बडे अधिकारी फोन नहीं उठाते है और जो रहवासी शिकायत लेकर बिजली झोन पर जाते है उन्हें भगा दिया जाता है। ज्ञापन में खराब केबल और डीपी बदलने, झुके हुए पोल हटाने की भी मांग की गई।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 30 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




