शहर की सड़कों और कॉलोनी- मोहल्लों में अंधेरा दूर करने के लिए नगर निगम अब 15 हजार नई एलईडी लाइटें खरीदेगा। लाइट खरीदने के लिए दो बार टेंडर की प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन पहली बार ठेका देने के बाद वर्कऑर्डर निरस्त करना पड़ा, जबकि दूसरी बार किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद निगम के विद्युत विभाग ने अब एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से सीधे लाइट खरीदने का निर्णय लिया है। अनुबंध की प्रक्रिया इसी माह पूरी होने की उम्मीद है और इसके बाद नई लाइटों की सप्लाई शुरू होगी। निगम ने 15 हजार एलईडी लाइट खरीदने के लिए पहली बार टेंडर जारी किया था। टेंडर स्वीकृत होने के बाद ग्वालियर की एक कंपनी को ठेका दिया
कंपनी और निर्धारित मानकों की लाइट चाहिए थी, वह उपलब्ध नहीं कराने पर टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद दूसरी बार निविदा जारी की गई, लेकिन कोई कंपनी सामने नहीं आई। पहला
ठेका निरस्त होने के बाद दूसरी बार नहीं आई कंपनी, सवा 3 करोड़ खर्च होंगे, पांच साल की वारंटी में मिलेंगी लाइटें
गया और वर्कऑर्डर भी जारी कर ईईएसएल पहले से स्ट्रीट लाइट दिया गया। हालांकि, निगम को जिस व्यवस्था से जुड़ी है। दो बार टेंडर प्रक्रिया सफल नहीं होने के बाद विद्युत विभाग ने ईईएसएल से लाइट खरीदने का निर्णय लिया है। निगम में
अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा अनुबंध में आवश्यकता पड़ने पर बिना अलग टेंडर के लाइट खरीदने का प्रावधान है। इसी आधार पर अब नई लाइटों की खरीदी की जा रही है। नई 15 हजार लाइटों में प्राथमिकता उन पुराने उपकरणों को बदलने की रहेगी, जो 4×24, 2×24, 28×40 और 250 वॉट क्षमता के हैं। इसके अलावा पुरानी सोडियम और 400 वॉट मेटल हैलाइड लाइटों को भी एलईडी में बदला जाएगा। करीब 10 हजार खाली पोलों पर भी नई एलईडी लाइटें लगाने की योजना है।
पांच साल की वारंटी, 3.25 करोड़ खर्च
ईईएसएल से मिलने वाली सभी 15 हजार एलईडी लाइटों पर पांच साल की वारंटी रहेगी। लाइटों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी निगम के विद्युत विभाग की होगी। इस खरीदी पर निगम करीब सवा तीन करोड़ रुपए खर्च करेगा। अधिकारियों का कहना है कि अनुबंध पूरा होने के बाद नई लाइटों की सप्लाई शुरू की जाएगी।
अभी शहर में 1.28 लाख एलईडी
नगर निगम के अनुसार शहर में फिलहाल करीब 1.28 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। नई 15 हजार लाइटें लगने से रोशनी की व्यवस्था और बेहतर होगी। खासकर पुरानी और खराब रोशनी देने वाली लाइटों को बदलने के साथ खाली पोलों पर भी रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। इससे पिछले करीब दो साल से अटकी 15 हजार एलईडी लाइट लगाने की योजना को अब गति मिलने की उम्मीद है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 22 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




