ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेंस का जेवलिन थ्रो का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने जा रहा है। इस मुकाबले में दुनिया भर के दिग्गज एथलीट पदक के लिए आपस में भिड़ेंगे। कठिन क्वालीफिकेशन दौर के बाद अब सभी की नजरें इस मुख्य और हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हुई हैं। भारतीय फैंस को नीरज चोपड़ा से मेडल की उम्मीद है। क्वालीफिकेशन दौर में श्रीलंका के 23 साल के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 82.84 मीटर के अपने प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल किया और वे गोल्ड मेडल के बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं। ग्रेनाडा के पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दक्षिण अप्रीका के डोव स्मिट और इंग्लैंड के बेन ईस्ट ही ऐसे अन्य एथलीट रहे जो 80 मीटर का आंकड़ा पार कर सके। दूसरी ओर, केन्या के दिग्गज जूलियस येगो 13वें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जो क्वालीफिकेशन का सबसे बड़ा उलटफेर रहा। भारत के स्टार एथलीट और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा ने समझदारी से खेलते हुए अपने दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो कर आसानी से फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने ऊर्जा बचाने के लिए अपना आखिरी प्रयास छोड़ दिया। भारत के लिए यह ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि 12 एथलीटों वाले फाइनल में नीरज के साथ- साथ रोहित यादव और यश वीर सिंह भी अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। वहीं मौजूदा कॉमनवेल्थ चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम 78.63 मीटर थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 31 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




