सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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निगम मुख्यालय के सामने की बिल्डिंग में दो मंजिल तोड़ना शुरू

सालों से निगम के सामने ही अवैध रूप से बनी मंजिल पर चल रहा था कारोबार

नगर निगम के द्वारा निगम मुख्यालय के सामने स्थित बिल्डिंग जींस होम की ऊपर की दो मंजिल तोड़ने का काम आज सुबह शुरू किया गया। निगम के मुख्यालय के सामने ही इस बिल्डिंग में पिछले कई सालों से इन दो मंजिल पर कारोबार चल रहा था। निगम की रिमूवल गैंग आज सुबह निगम मुख्यालय के पीछे रामबाग वाली सड़क पर स्थित जींस होम पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची। इस इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल अवैध रूप से बनाई गई है। इन मंजिल का नक्शा मंजूर नहीं है। ऐसी स्थिति में इन मंजिल पर कार्रवाई करने के लिए निगम की टीम अपने गाड़ी घोड़े लेकर पहुंची थी। जब वहां पर जाकर कार्रवाई शुरू करने

वर्ष 2018 में किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर किए गए आंदोलन के मामले में एम.पी./एम.एल.ए. न्यायालय इन्दौर ने फैसला दिया जिसमें पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल सहित सभी आरोपियों को इस प्रकरण से बरी कर दिया। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता अमरसिंह की स्थिति बनी तो यह समझ में आया की गाड़ी के माध्यम से यह कार्रवाई नहीं हो सकेगी। ऐसे में मजदूर बुलवाकर उनके माध्यम से मैनुअल तरीके से तोड़फोड़ की इस कार्रवाई को शुरू किया गया। निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह दो मंजिल अवैध बनी हुई है जिसके चलते हुए बिल्डिंग के संचालक के नाम पर कई बार नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें इन दो मंजिल को हटाने के लिए कहा गया था। उनके द्वारा खुद कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण निगम की टीम के द्वारा आज कार्रवाई की गई है। आज की निगम की कार्रवाई तो अपनी जगह है लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि निगम के मुख्यालय के सामने दो मंजिल अवैध रूप से कैसे बन गई। इसके बाद में पिछले कई सालों से इन दो मंजिल पर कारोबार कैसे चल रहा था। अब तक इस मुद्दे को लेकर नगर निगम के अधिकारी खामोश क्यों थे। आज अचानक ही निगम के द्वारा इस बिल्डिंग पर कार्रवाई क्यों कर दी गई है। यह ऐसे सवाल है जिनके जवाब अभी सामने नहीं आ रहे हैं।

इंदौर कलेक्टर कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और आंदोलन किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा जूनी इंदौर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह कानूनी प्रकरण पिछले लगभग आठ वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें