न.प्र.)। इंदौर शहर में निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लाख प्रयासों के बावजूद बिजली की बर्बादी नहीं रुक रही है। हालत यह है कि जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों के लाख दावों के बावजूद अभी भी कई क्षेत्रों में लगभग 8 से 10000 एलइडी लाइटिंग दिन- रात 24 घंटे फालतू जल रही है। जिसके कारण इनमें से आधे से ज्यादा लाइटिंग ऐसी है जो दिन- रात जलने के कारण जल्दी खराब हो रही है। यही नहीं विभिन्न क्षेत्रों और प्रमुख मार्ग की गलियों और कई कॉलोनियों में लगातार दिन-रात जलने से लंबे समय से खराब पड़ी और बंद है। जिसके कारण कई क्षेत्रों में अंधेरा पसरा है।
लंबे समय से चल रहा सिस्टम बदलने का काम-
बड़ी बात यह है कि निगम द्वारा लंबे समय से 24 घंटे जलने वाली लाइटिंग का सिस्टम बदलने का दावा किया जा रहा है। उसके बावजूद अभी तक पालदा नाका से न्यू आरटीओ रोड के बड़े हिस्से के साथ हिम्मतनगर शिव पार्वती नगर, सांवरिया धाम से मूसाखेड़ी रिंग रोड चौराहे तक, पंचशील कॉलोनी, अजय बाग, कैलाशपुरी, न्यू पंचशील कॉलोनी, अलकापुरी, शांति नगर अमननगर, फिरदौस नगर, खाती मोहल्ला, बाबूलाल नगर, आजाद नगर मैंनरोड, भोलाराम उस्ताद मार्ग, शिवमपुरी कॉलोनी, ब्रह्मपुरी कालोनी, विष्णु पुरी, स्नेह नगर, सिंधी कालोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में आधी से ज्यादा लाइटिंग 24 घंटे जल रही है। जिससे बिजली की बर्बादी हो रही है। साथ ही दिन – रात जलती रहने से ये लाइटिंग जल्दी खराब भी हो रही है। जिसके कारण अक्सर आधी से ज्यादा जगह रात में इन लाइटिंग के बंद रहने से कई क्षेत्रों में अंधेरा फैला रहता है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




