सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
इंदौर

एक नंबर की चूक, शहर की स्वच्छता के लिए भी अलर्ट नहीं हुए तो जा सकता है ताज सड़कों की खुदाई, अधूरा पेचवर्क, ब्रिज की बदहाल सर्विस रोड और ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई परेशानी

इंदौर को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इस बार एक अंक की चूक भारी पड़ गई। पिछले वर्ष नंबर वन रहे शहर को इस बार दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।…

इंदौर को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में इस बार एक अंक की चूक भारी पड़ गई। पिछले वर्ष नंबर वन रहे शहर को इस बार दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। अब नगर निगम और संबंधित एजेंसियां मंथन करेंगी कि आखिर कमी कहां रह गई, लेकिन सर्वेक्षण के नतीजे शहर की व्यवस्थाओं को लेकर भी अलर्ट कर रहे हैं। वर्तमान में शहर की सफाई व्यवस्था लचर अवस्था में पहुंच गई है, सड़कों पर केवल झाड़ू लगाई जा रही है रीसायकल जैसे काम था पड़े हुए हैं।

खुदाई के बाद रेस्टोरेशन नहीं

शहर में लगातार सड़कों की खुदाई, समय पर पेचवर्क नहीं होना और पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन नहीं किया जाना वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बन रहा है। कई जगह महीनों से गड्ढे और अधूरी सड़कें परेशानी का कारण बनी हैं। एक सड़क का काम अधूरे होने से पहले दूसरी जगह खुदाई शुरू हो जाती है।

चौड़ीकरण से बढ़ा धूल- मिट्टी का संकट

नगर निगम द्वारा मास्टर प्लान की 23 सड़कों के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। फिलहाल 10 से अधिक सड़कों पर काम चल रहा है। तोड़फोड़ के कारण बड़ी मात्रा में धूल, मिट्टी और मलबा निकल रहा है। कई स्थानों पर इसे तत्काल हटाने के बजाय खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे हवा में धूल के कण बढ़ रहे हैं।

ब्रिज की सर्विस रोड भी सवाल

ब्रिज निर्माण साइटों की सर्विस रोड को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव कई बार एमपीआरडीसी और एनएचएआई के अधिकारियों पर नाराजगी जता चुके हैं। हालांकि नगर निगम सीमा की कई अन्य सड़कों की हालत भी खराब है।

बीआरटीएस हटने के बाद भी जाम

बीआरटीएस हटने के बाद भी प्रमुख चौराहों पर जाम से राहत नहीं मिली है। शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह 7 से 9 बजे के बीच कई मार्गों पर जाम के कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

पेड़ों की कटाई भी चिंता

सड़क चौड़ीकरण और मेट्रो निर्माण की जद में कई पेड़ आए हैं। सत्यसाईं और देवास नाका सहित अन्य क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई हुई है। वहीं निर्माण मलबे के रीसाइक्लिंग की व्यवस्था पर भी सवाल हैं। कई जगह सड़क और पाइपलाइन खुदाई से निकला मलबा खुले प्लॉटों में डाला जा रहा है।

एजेंसियों में तालमेल जरूरी

अब नगर निगम, एमपीआरडीसी, एनएचएआई और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। समय पर रेस्टोरेशन, धूल नियंत्रण, मलबे का निपटान और ट्रैफिक प्रबंधन पर सख्ती नहीं हुई तो अगली बार इंदौर की रैंकिंग और पीछे जा सकती है। स्वच्छ वायु का सवाल अब सीधे शहर की समग्र स्वच्छता व्यवस्था से भी जुड़ गया है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 9 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें