इंदौर। नगर निगम के लिए नामांतरण घोटाला मुसीबत बन गया है। निगम अधिकारी खूब जांच के बाद भी इस घोटाले के लिए काम करने वाले गिरोह की जानकारी नहीं जुटा सके। इस घोटाले के कारण एक तरफ जहां कांग्रेस आक्रामक है तो वहीं निगम की इज्जत भी बहुत खराब हो रही है। इस घोटाले की अब तक की जांच निरर्थक ही साबित हुई है। इस जांच में अधिकारियों के समक्ष कई लोगों के नाम आए हैं। इसमें निगम के कुछ कर्मचारी, दलाल और नेता भी शामिल है। इस घोटाले की अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इसमें कहीं कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है। अलबत्ता नियम के विपरीत जाकर पूरा काम किया गया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 28 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




