शहर में इस बार बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई, लेकिन नगर निगम ने वाटर रिचार्जिंग को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने वाले भवन मालिकों को जारी नोटिस की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। निगम का कहना है कि बारिश कम हो या ज्यादा, शहर में गिरने वाले हर बूंद पानी को जमीन के भीतर पहुंचाना जरूरी है। वहीं कई लोगों का सवाल है कि जब इस बार बारिश ही कम हो रही है तो वाटर रिचार्जिंग सिस्टम लगवाने की इतनी सख्ती क्यों?
‘बारिश आएगी तो पानी स्टोर होगा’- जलकार्य समिति के प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा ने बताया कि रिचार्ज सिस्टम का उद्देश्य केवल मौजूदा बारिश का पानी बचाना नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाली बारिश को भी भूजल में पहुंचाना है। अधिकारी लोगों से कह रहे हैं कि बारिश कब और कितनी होगी, यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन जब भी बारिश हो, उसका पानी बहकर न जाए और जमीन में पहुंचे, इसकी व्यवस्था करना जरूरी है। नगर निगम ने बड़े मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था को लेकर लगातार नोटिस और कार्रवाई शुरू की है। हाल में निगम ने करीब 350 आर्किटेक्ट, स्ट्रक्चर इंजीनियर और कंसल्टेंट को भी नोटिस जारी कर भवनों में लगाए जाने वाले रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।
कम बारिश से भूजल को लेकर चिंता- पर्यावरणविद् डॉ. ओ पी जोशी ने बताया कि इस साल कम बारिश के कारण भूजल स्तर को लेकर चिंता बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक शहर के कई क्षेत्रों में बोरिंग में पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में निगम का जोर बारिश के पानी को सीधे जमीन में पहुंचाने पर है। नगर निगम ने शहर के 1300 से अधिक उद्यानों में भी वाटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाने की योजना बनाई है। निगम की मुहिम के बीच पुराने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति भी बड़ा सवाल है। कई जगह रिचार्ज पिट बने, लेकिन रखरखाव के अभाव में कुछ वर्षों बाद बेकार हो गए। ऐसे में सिर्फ नए सिस्टम लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित सफाई और देखरेख भी जरूरी है।
निगम की सख्ती जारी- निगम जल यंत्रालय के अपर आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि जल संरक्षण को लेकर नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लगाने वाले 69 भवनों पर कार्रवाई कर 1.96 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया जा चुका है। अब सवाल यह है कि जब बारिश कम हो रही है, तब वाटर रिचार्जिंग की सख्ती कितनी कारगर होगी निगम का जवाब साफ है- बारिश कम है तो पानी की हर बूंद और भी ज्यादा कीमती है।
ये वर्तमान स्थिति- वही नोटिस देने और वाटर रिचार्जिंग लगवाने के लिए लगातार लोगों से फॉलो अप लेने के साथ सर्वे रिपोर्ट तैयार करने वाले एनजीओ का कहना है कि व्यावसायिक इमारत पर वाटर रिचार्जिंग तेजी से लग रहे हैं लेकिन आवासीय इमारत में वाटर रिचार्जिंग लगाने को लेकर जागरूकता नहीं है।
कई बार फॉलो अप करने और बार-बार नोटिस देने के बावजूद भी आवासीय क्षेत्र में वाटर रिचार्जिंग की संख्या काम है लोग इसके ऊपर होने वाले खर्च से बच रहे हैं इसके अलावा कई घरों में व्यावहारिक समस्याएं भी है हालांकि इसके लिए नगर निगम ने 1000 स्क्वायर फीट से कम वाले आवासीय भवनों पर सख्ती कम की है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 11 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




