शकर की मिठास महंगी हो गई है। शकर के दाम एक माह में 25 रुपए तक बढ़ गए है, जिसका असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। इसे लेकर जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा गया तो वे इसका मजाक उड़ाते नजर आए। मंत्री का गैर जिम्मेदाराना बयान अब चर्चा में है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यहां तक कह दिया कि- 'अच्छा है… मैं तो कहता हूं कि खूब महंगी हो जाए।' विजयवर्गीय ने तर्क दिया कि वैसे भी आजकल 90 प्रतिशत लोग मीठा खाना पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा- मैं तो खाता ही नहीं। पास में बैठे विधायक रमेश मेंदोला को देख बोले कि मेंदोला तो मिठाई को देख दूर भागते है। उन्होंने कहा कि बस बच्चों के लिए शकर कंट्रोल में सस्ती मिल जाए, लेकिन बुजुर्गों को तो शकर देनी ही नहीं चाहिए। 40 साल की उम्र से ऊपर वालों के लिए शकर खाना डॉक्टर भी अच्छा नहीं मानते और आयुर्वेद भी इसे अच्छा नहीं मानता। मंत्री ने लोगों को शकर की जगह गुड़ खाने की सलाह भी दे डाली। अब लोग तंज कस रहे हैं कि जब मंत्री जी खुद शक्कर नहीं खाते, तो उन्हें शकर की महंगाई भी शायद फीकी ही लगेगी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 27 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




