महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चाणक्यपुरी चौराहा पर युवाओं के साथ क्रिकेट खेला और फिर उनसे देश और शहर के मुद्दों पर बातचीत की। दिल्ली के जंतर मंतर पर युवाओं और छात्रों के द्वारा किया गया आंदोलन के बाद भाजपा के द्वारा अपने सभी नेताओं को यह संदेश दिया गया है कि वह जाकर युवाओं से बातचीत करें और हमें इन युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का साझेदार बनाना है। संगठन से मिले इस संदेश के आधार पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव बुधवार देर शाम को युवाओं के बीच पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक युवाओं के साथ खुला संवाद किया, क्रिकेट खेला और उनके सपनों, चुनौतियों तथा शहर से जुड़ी अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया। इस संवाद में महापौर ने युवाओं के साथ सहज माहौल में समय बिताया। खेल के दौरान भी बातचीत का सिलसिला जारी रहा, जिसमें शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, खेल, तकनीक और शहर के भविष्य जैसे मुद्दों पर युवाओं ने खुलकर अपनी राय रखी। भार्गव ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में है और यही युवा शक्ति आने वाले भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि युवाओं के विचारों को सुना जाए और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाया जाए, तो विकास अधिक प्रभावी और दूरगामी होगा। जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि युवाओं के बीच जाकर उनकी सोच और अपेक्षाओं को समझना भी है। महापौर ने कहा कि इंदौर का भविष्य उसके युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और भागीदारी पर निर्भर है। इसी उद्देश्य से युवाओं के साथ निरंतर संवाद की यह पहल आगे भी जारी रहेगी, ताकि शहर के विकास की दिशा उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप तय की जा सके।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




