सामाजिक कार्यकर्ता रुपेश कटारिया ने मुख्यमंत्री, सम्भागायुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि इंदौर विकास प्राधिकरण में िfसक्योरिटी एजेंसी संलग> है उनके अधीन गार्ड और श्रमिक का भुगतान और प्रायवेट फंड का भुगतान बकाया है जिसे दिलवाया जाए। श्रमिक का वेतन और पीएफ मिलेंगे तो प्राधिकरण की छवि अच्छी होगी। कटारिया ने यह भी कहा कि काम पूरा लेकर आधा वेतन देकर शोषण किया गया, जो भी जिम्मेदार प्रबंधक, व्यवस्थापक है के खिलाफ फौजदारी मुकदमा जांच उपरांत दायर करवाया जाए। अभी एजेंसियों द्वारा पिछले 3-4 माह से वेतन नहीं दिया गया और पीएफ भी जमा नहीं हुआ है। प्राधिकरण के पास कार्य की स्वीकृति के पूर्व एडवांस जमा है, श्रमिकों से चर्चा कर जमा राशि में से प्राधिकरण भुगतान करें। साथ ही श्रमिकों को प्रताडित करनेे वाले दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही भी की जाए। अगर 30 दिनों में न्याय नहीं मिला तो हमें न्यायालय की शरण लेना पडेगी। इसकी प्रति पुलिस कमिश्नर, पीएफ कमिश्नर, श्रम आयुक्त, कलेक्टर को भी भेजी गई है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




