इन दिनों खजराना सरकारी अस्पताल को लेकर चर्चा बनी हुई है। अभी अस्पताल बना ही नहीं और अस्पताल में नियुक्तियां तक बताई गई। इस मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता सलीम पठान और अरशद बेग ने बताया कि खजराना में ज्यादातर लोग मध्यवर्गीय है और बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा सकते है, इसलिए सरकारी अस्पताल जरुरी है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 18 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




