मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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खबर के बाद निगम बरसाती मौसम में इंदौर में वायरल फीवर ने किया चेम्बर ठीक

सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों के क्लीनिक तक में मरीजों की भीड़ 6 साल से कम उम्र के बच्चे हो रहे हैं शिकार

विधानसभा 1 के वार्ड 8 मल्हारगंज थाना के समीप तंबोली बाखल चौरसिया धर्मशाला के समीप इन दिनों यातायात का दबाव काफी ज्यादा है क्योंकि जिन्सी और मल्हारगंज थाना के समीप से लेकर अहिल्यापुरा के रास्ते बंद हैं और यहां एक चेम्बर ऊपर नीचे होकर दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा था। तम्बोली बाखल के इस चेम्बर की ऊबड़ खाबड़ होने की खबर सिटी ब्लास्ट ने प्रकाशित की थी उसके बाद निगम झोन की नींद खुली और अब इसे ठीक किया गया और जनता ने राहत की सांस ली, क्योंकि यह चेम्बर दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा था। बरसात के इस मौसम में इंदौर में वायरल फीवर फैल रहा है। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों और डॉक्टर के क्लीनिक तक में मरीजों के भीड़ लगी हुई है। अभी खास तौर पर 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे इस स्थिति का शिकार हो रहे हैं।

बरसात के मौसम में वैसे तो जैसे ही पानी गिरना शुरू होता है वैसे ही शहर में मक्खी मच्छर फैलना भी शुरू हो जाते हैं। उनके फैलने से बीमारियां होना भी शुरू हो जाती है। इंदौर नगर निगम को शहर के नागरिकों में हो रही इस बीमारी से कोई सरोकार नहीं रहता है। स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विभाग जो कि इस तरह की बीमारियों की रोकथाम के लिए ही बनाया गया है उसके द्वारा भी इन बीमारियों को रोकने की दिशा में कोई कामकाज नहीं किया जाता है। इसी का परिणाम है कि शहर में इस समय वायरल फीवर फैल रहा है। एमटीएस कंपाउंड में स्थित पुराने लाल अस्पताल के स्थान पर चल रहे हुकमचंद पॉलीक्लिनिक के डॉक्टर प्रवीण कुमार जड़िया का कहना है कि इन दिनों अस्पताल में बड़ी संख्या में बच्चे बीमारी के कारण आ रहे हैं। इन बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण दिख रहे

निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने स्मार्ट यूसीटी ऑफिस में मार्केट विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, विद्युत विभाग, जल प्रदाय विभाग, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि की समीक्षा की गई। एक-एक पर बात की गई। लाइसेंस से लेकर पौधारोपण और वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर भी चर्चा हुई। स्ट्रीट लाइट, सीएम हेल्प लाइन शिकायत के निराकरण पर भी जोर दिया गया। पौधारोपण के लिए खाली जमीने ढूंढी जाए और फिर पौधारोपण किए जाए, बरसात में स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत ज्यादा आती है इसलिए इन शिसकायतों का निराकरण जल्द किया जाए। बरसात का पानी ज्यादा से ज्यादा जमीन में उतरे उसके लिए वॉटर हार्वेस्टिंग पर ताकत लगाई जाए। हैं। कहीं बच्चे सर्दी जुकाम और खांसी से परेशान है तो कहीं बच्चों को डायरिया हो रहा है। इस तरह के मरीजों की संख्या पिछले एक सप्ताह में अस्पताल में बहुत ज्यादा बढ़ गई है। जिस तरह से सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है इस तरह से निजी अस्पताल और खास तौर पर निजी डॉक्टरों के क्लीनिक में भी इन मरीजों की भरमार हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। डॉक्टर के द्वारा शहर के नागरिकों सा अपील की गई है की खास तौर पर पानी का उपयोग करने में सावधानी बरतें। जहां तक हो सके वहां तक पानी को गर्म करके छान कर पिया जाएं।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 30 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें