शहर में इस साल औसत बारिश भी नहीं हो सकी है और इसी बीच इंदौर नगर निगम के द्वारा रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं करने के नाम पर लाखों रुपए का जुर्माना लगा दिया गया। निगम की ओर से दावा किया गया है कि 156 भवन पर 16 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
हर साल मानसून के मौसम में नगर निगम के द्वारा रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करने के लिए अभियान चलाया जाता है।
इस अभियान का मकसद यह होता है कि जो बारिश हो रही है वह बारिश का पानी जमीन के अंदर जाए ताकि इंदौर का भूजल स्तर बेहतर हो सके। इस साल तो इंदौर में लोग बारिश के लिए तरस गए हैं। एक बार भी ऐसा जोरदार पानी नहीं गिरा है कि जमीन की प्यास बुझ सके और लोगों को भी संतोष हो सके। पूरे सीजन में मात्र 23 इंच से थोड़ा सा ज्यादा पानी गिर सका है। इस साल का मानसून का सत्र कल समाप्त हो गया। इंदौर की धरती प्यासी रह गई और तालाब खाली रह गए। अवर्षा कि इस स्थिति में भी नगर निगम इंदौर के विभिन्न जोन क्षेत्रों के अंतर्गत संचालित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थिति का परीक्षण एवं निरीक्षण संबंधित क्षेत्रीय भवन
फायर सेफ्टी उपकरण न होने पर 182 भवन सील
भवन स्वामियों व संचालकों को भवनों में आवश्यक फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं को तत्काल कार्यशील करने सिस्टम नियमानुसार स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि फायर सेफ्टी व्यवस्था का भवन में मात्र स्थापित होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सुचारू एवं कार्यशील स्थिति में होना आवश्यक है। इसी प्रकार वर्षा जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन की दृष्टि से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का नियमानुसार स्थापित होना तथा उसका समुचित रखरखाव किया जाना आवश्यक है। नगर निगम द्वारा आगामी दिनों में भी भवनों का सतत निरीक्षण एवं परीक्षण जारी रखा जाएगा। पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले भवन स्वामियों/संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई एवं अर्थदंड की कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों एवं भवन निरीक्षकों द्वारा कराया गया। निरीक्षण के दौरान भवन स्वामियों संचालकों को पूर्व में जारी किए गए निर्देशों एवं सूचना पत्रों के अनुपालन की स्थिति का भी परीक्षण किया गया। निरीक्षण में ऐसे भवन पाए गए, जहां निर्धारित समय में सूचना दिए जाने के बावजूद रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं किया गया था उक्त अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्रीय भवन अधिकारियों द्वारा
नियमानुसार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के अंतर्गत पिछले 2 दिवस में रैन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु कुल 11 भवनों पर 3.30 लाख रु. का अर्थदंड आरोपित किया गया। कार्रवाई के अंतर्गत होटल हॉलिडे, केएफसी, इठलाती साड़ी, गिरीश लड्डा, 12/1 साउथ तुकोगंज, मुनीराकुदरती, सुमेरन वॉयज हॉस्टल, आर्बिक इश्टे, आरके, मंगल नगर, देवनीश हॉस्टल एवं अन्य भवन/संस्थानों में नियमों के अनुपालन की स्थिति का परीक्षण करते हुए आवश्यकतानुसार कार्रवाई एवं अर्थदंड की कार्यवाही की गई। इस वर्ष के बारिश के मौसम में नगर निगम के द्वारा कुल 156 भवनों पर कुल राशि रूपये 16.03 लाख रुपये का अर्थदण्ड आरोपित किए गए।
इसके साथ ही फायर सेफ्टी हेतु लगभग 182 भवन सील किए गए है। संबंधित
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




