सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
इंदौर

इंदौरी ट्रैफिक का अलमस्त कहकहा, पोहा—जलेबी और पें-पें इं

की मिठास और हर तरफ गूंजते ‘भिया' संबोधन से दिन शुरू होता है। लेकिन जैसे ही इंदौरी हाथ में गाड़ी की चाबी लेते हैं, उनका चिर-परिचित धैर्य अचानक रफ्तार में…

की मिठास और हर तरफ गूंजते ‘भिया' संबोधन से दिन शुरू होता है। लेकिन जैसे ही इंदौरी हाथ में गाड़ी की चाबी लेते हैं, उनका चिर-परिचित धैर्य अचानक रफ्तार में तब्दील हो जाता है। नियम-कायदों से ड्राइविंग स्कूल जाकर लाइसेंस लेने के बजाय, अपन इंदौरी तो दोस्त के सहारे सीधे सड़क पर गाड़ी उतारने के व्यावहारिक रास्ते पर यकीन रखते हैं। कुछ ही चौराहों के सफर में यह समझ आ जाता है कि एकदम जुदा।

यहां सड़क सिर्फ डामर की पट्टी नहीं, बल्कि सामूहिक संवाद का जीवंत मंच है। इशारों और हेडलाइट के अलावा हॉर्न तो शहर की दूसरी मातृभाषा बन चुका है। एक धीमा 'पें' अदब से आगे निकलने की अर्जी है, तो दो बार का हॉर्न साइड मांगने का संकेत। वहीं हॉर्न पर हथेली जमा देना चालक के खत्म होते सब्र की मुनादी करता है—चाहे सामने अस्पताल हो या सड़कों की सुंदर सफेद पट्टियों को हम कलात्मक सजावट मान बैठते हैं। तीन लेन पर छह गाड़ियां समानांतर दौड़ती हैं और बची सुई भर जगह से दोपहिया सवार सर्कस के अंदाज में कट मारते निकलते हैं। इसे ‘स्मार्ट ड्राइविंग’ समझना भूल है; असली समझदारी अपनी लेन की मर्यादा में रहने में है। सड़क पर कानूनी बहस से ज्यादा भारी वाहन के डील-डौल का सम्मान जरूरी है; चौराहे पर सही-गलत साबित करने भरोसा नहीं किया जा सकता—अक्सर बायां जलता है और गाड़ी दाईं तरफ मुड़ जाती है। इसलिए यहां बत्ती से ज्यादा चालक के मिजाज को पढ़ना पड़ता है। सुरक्षित फासला छोड़ते ही कोई न कोई गाड़ी घुसा देता है, फिर भी वह दूरी इमरजेंसी ब्रेक के लिए अनिवार्य है। रात में हाई-बीम की चकाचौंध और बाईं ओर से ओवरटेक करने की होड़ अक्सर दुर्घटनाओं को दावत देती है। जिस इंदौर ने अपनी समझदारी है। -राजकुमार जैन

धनराशि का भुगतान भी कर दिया है। सड़कों पर थोड़ा ठहराव और अनुशासन क्यों नहीं ला सकता? इंदौरी होने का असली गौरव सिर्फ 56 दुकान या सराफा के स्वाद में नहीं, बल्कि इस बात में है कि चौराहों पर हमारा दिल बड़ा दिखे, हॉर्न शालीन रहे और एक्सीलेटर हमारे विवेक के काबू में रहे। सबको पछाड़कर कलाबाजी दिखाना नहीं, बल्कि सुरक्षित मंजिल तक पहुंचना ही असली

जाहिर सूचना शहर इन्दौर में स्थित 'जंगमपुरा' के म्यु. पा. मकान नंबर 15 (पन्द्रह) पैकी दक्षिण दिशा तरफ के भाग बाबद सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि हमारे पक्षकार ने श्री बाबूसिंह रघुवंशी पिता श्री रामगोपा सिंह रघुवंशी निवासी 84 छत्रीपुरा इन्दौर (म.प्र.) वर्तमान पता 101 बियाबानी धार रोड़ इन्दौर (म.प्र.) से उनके एकमेव स्वामित्व एवं आधिपत्य का भवन-भूखण्ड, जो कि शहर इन्दौर में स्थित 'जंगमपुरा' के म्यु.पा. मकान नं.15 (पन्द्रह) पैकी दक्षिण दिशा तरफ का भाग है। उक्त भाग की तभूमि (भूखण्ड) का योग क्षेत्रफ 416 वर्गफीट अर्थात् गभग 38.66 वर्गमीटर है,उक्त भूखण्ड पर एक मंजिा (त मंजि) भवन निर्मित है को क्रय करने का सौदा करके प्रतिफ की आंशिक यदि उक्त संपत्ति पर किसी बैंक/वित्तीय निकाय व अन्य किसी व्यक्ति का भार, बोझा, हित, स्वत्व, अधिकार, डिक्री, अटेचमेंट हो या इस विक्रय व्यवहार में किसी भी प्रकार की आपत्ति हो तो वह सप्रमाण आज दिनांक 03-09-2026 से 7 (सात) दिनों में अपनी आपत्ति प्रस्तुत करें, बिना प्रमाण के आपत्ति मान्य नहीं की जावेगी, अवधि पश्चात् विक्रय-पत्र का पंजीयन करवा यिा जायेगा एवं कोई आपत्ति हमारे पक्षकार के हितों पर बंधनकारक नहीं रहेगी। इति, इन्दौर, दिनांक 03-09-2026 अशोक कुमार पांडे, विकास विजयशंकर पांडे (एडव्होकेट्स) फोन नं. 2478132, 2440844 मोबाई 98270 15307 प्रथम मंजि, मारूति चेम्बर्स, 26/1, मोती तबेा, इन्दौर (म.प्र.)

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 3 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें