लोगों के सरकारी जमीन पर कब्जा कर अपने मकान बना लिए गए। इन लोगों के द्वारा बनाए गए मकान के कारण अन्नपूर्णा मंदिर की पार्किंग का स्थान सीमित हो गया था और उस स्थान पर जाने का रास्ता भी बंद हो गया था। ऐसी स्थिति में यह आदेश पारित किया गया था कि भेरूलाल, शंकरलाल, गणपत, मुरली, राजेश, रेशमबाई, रेखा, शीतल, जानकीबाई, मोहन, दिलीप, बबलू एवं संतोष के द्वारा बनाए गए मकान को तोड़कर सरकारी जमीन का कब्जा रिक्त कराया जाए। यह आदेश पारित होने के बाद में संबंधित व्यक्तियों को ही अपने मकान हटाने के लिए वक्त भी दिया गया था लेकिन इनमें से किसी के भी द्वारा मकान नहीं हटाया गया। ऐसी स्थिति में रिमूवल का नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में कल मंगलवार को ही इस स्थान से इन सभी मकानों पर कार्रवाई करने की सूचना दी गई थी। द्वारा इसके बाद भी जब कब्जा करने वाले लोगों के द्वारा अपना कब्जा नहीं हटाया गया तो आज नगर निगम की टीम रिमूवल करने के लिए पहुंच गई। निगम की टीम के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी और तहसीलदार भी मौजूद थे। इस टीम को 1 घंटे तक पुलिस बल मिलने का इंतजार करना पड़ा। जब पुलिस बल मिल गया तो फिर टीम के द्वारा जाकर कार्रवाई की गई। मौके पर तीन-चार मकान ही पक्के बने हुए थे बाकी सारे मकान कच्चे थे। इस टीम के द्वारा जब कार्रवाई शुरू की गई तो क्षेत्र में कोहराम की स्थिति बन गई। इन मकान में रहने वाले लोगों के द्वारा इस टीम की कार्रवाई का विरोध किया जाने लगा। इस दौरान एक अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने अधिकारियों को दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि यह मामला न्यायालय में है। इस पर अधिकारियों ने पूछा कि क्या न्यायालय के द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई पर स्थगन आदेश जारी किया गया है। इस पर अधिवक्ता के द्वारा जवाब दिया गया कि नहीं हमारे द्वारा कल ही इस बारे में एक पिटीशन लगाई गई है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि पिटीशन लगाने के आधार पर कार्रवाई को नहीं रोका जा सकता है। इसके बाद फिर तोड़फोड़ की कार्रवाई को निरंतर कर दिया गया।
इन मकान में रहने वाले नागरिकों के द्वारा इस तोड़फोड़ की कार्रवाई का जमकर विरोध किया गया। इन लोगों का कहना था कि हम कई सालों से इस स्थान पर रह रहे हैं। हमें यहां से हटा दिया जाएगा तो हम रहने के लिए कहां जाएंगे। इसी दौरान एक मकान में एक बीमार महिला थी तो उसे महिला को पुलिसकर्मियों के द्वारा घर से निकाल कर गाड़ी में बैठा कर रवाना कर दिया गया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 16 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




