प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने इन्दौर विकास प्राधिकरण की सम्पदा शाखा को घेरे में लिया है। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि आईडीए संपदा विभाग के अधिकारियों की मोनोपाली को लेकर तथा कृपापात्र सेवा प्रदाताओं के माध्यम से ही लीज डीड सेल डीड लीज अनुबंध लेख आदि संपादित करवाए जाते हैं तथा मनमाने शुल्क लिए जाते हैं तथा सेवा प्रदाताओं को मिलने वाले कमीशन को भी खुद अधिकारियों द्वारा रखा जाता है। इसी तरह से इंदौर नगर निगम व्दारा प्रधानमंत्री आवास योजना के दस्तावेज भी खास सेवा प्रदाताओं से करवाए जाते हैं। द्विवेदी ने बताया कि लगातार शिकायतें आ रही है कि अन्य सेवा प्रदाताओं को अधिकारियों व्दारा परेशान किया जाता है। आईडी भी नहीं दी जाती है फिर ओटीपी नहीं दी जाती है जबकि मनचाही जगहों पर सम्पूर्ण दस्तावेज पूर्व से दिया गया होता है। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के कारनामे उजागर ना हो तथा इंदौर नगर निगम के खेल उजागर ना हो इस कारण ऐसा होता है यह भी अहम् कारण है। सेवा प्रदाताओं को मिलने वाले कमीशन को भी ये अधिकारी ले लेते हैं। द्विवेदी ने बताया कि जिस तरह हुकुमचंद मिल की रजिस्ट्री में खेल किया गया और सेवा प्रदाता को नाम मात्र की राशि दी गई। मामला उजागर होने पर सेवा प्रदाता तमाम प्रकार की परेशानी में फंसा। मय तथ्यों सहित एवं मय दस्तावेज के साथ अब इंदौर विकास प्राधिकरण तथा नगर निगम इंदौर के खेल उजागर किया जायेगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 24 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




