इंदौर। लसूडिया थाना क्षेत्र मे इंटरनेट कोशिश की। सूझबूझ दिखाते हुए विनोद पर डॉक्टर का मोबाइल नंबर तलाशना शर्मा ने तुरंत फोन काट दिया। कुछ ही एक रिटायर्ड अधिकारी को बहुत महंगा मिनटों बाद उनके आईसीआईसीआई बैंक पड़ गया। महज 20 रुपये के मामूली खाते से 1 रुपये कटने का मैसेज आ ऑनलाइन भुगतान के झांसे में आकर ठगों गया। यह राशि किसी 'महिमा' नामक ने उनके बैंक खाते से 49 हजार रुपये अज्ञात महिला के खाते में ट्रांसफर हुई थी। साफ कर दिए।
घटना के तुरंत बाद बैंक खाता
पुलिस के अनुसार स्कीम नंबर 114 ब्लॉक करवा दिया—हालांकि, अगले में रहने वाले 66 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी दिन जब वह 1 रुपया वापस उनके खाते विनोद शर्मा पेट की समस्या से परेशान थे में आया, तो उन्हें लगा कि शायद खाता और शहर के जाने-माने ब्लॉक नहीं हुआ है। इसी गलतफहमी के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अस्मित चौधरी का चलते वह दोबारा बैंक पहुंचे और फिर से अपॉइंटमेंट लेना चाहते थे। 14 जुलाई की खाता ब्लॉक कराया। जब बैंक खाते के सुबह उन्होंने डॉक्टर का संपर्क सूत्र पाने स्टेटमेंट्स की बारीकी से जांच की गई, तो के लिए गूगल पर सर्च किया। सर्च के पता चला कि ठगों ने दो अलग-अलग दौरान मिले एक नंबर पर जब उन्होंने फोन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 49 हजार रुपये किया, तो खुद को अस्पताल की पार कर दिए थे। ठगी की बात सामने आते अपॉइंटमेंट बुकिंग स्टॉफ बताने वाली एक ही उनके पैरों तले जमीन खिसक महिला ने कॉल रिसीव किया। महिला ने गई। धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित अपॉइंटमेंट पक्का करने के एवज में ने फौरन साइबर हेल्पलाइन पर अपनी ऑनलाइन 20 रुपये ट्रांसफर करने को शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता कहा। जब भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो को देखते हुए लसूडिया थाना पुलिस ने पाई, तो कुछ देर बाद दूसरे नंबर से एक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी अन्य व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है प्रक्रिया पूरी करने का झांसा देते हुए आधार और साइबर सेल की मदद से ठगों की नंबर और गोपनीय जानकारी मांगने की तलाश शुरू कर दी है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 17 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




