पार्षद कमलेश कालरा कांड के बाद से पूर्व एमआईसी सदस्य एवं पार्षद जीतू यादव का भाजपा से निष्कासन किया गया था। उनके निष्कासन के बाद से उनका विभाग नगर निगम में रिक्त था। उसका प्रभार महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पास था। इस कांड में जब जीतू यादव को क्लीन चिट मिली तो कल उनकी भाजपा में वापसी हो गई।
उनकी वापसी पर चर्चा इसलिए बढ़ गई क्योंकि भाजपा में आने के दो घंटे पहले महापौर ने विद्युत विभाग निरंजन चौहान गुड्डू को दे दिया।
भले ही भाजपा में नहीं थे लेकिन उन्होने हर कार्यक्रम भाजपाइयों के संरक्षण में किया। वे इस दौरान यही बोलते नजर आए कि उन्हें पार्टी ने निकाला है वे तो पार्टी में ही है। कल जब उनकी वापसी हुई तो निश्चिात माना जा रहा था कि उन्हें एमआईसी में उनका विद्युत यांत्रिक विभाग भी मिल जाएगा, लेकिन उनके वापसी के लेटर आने के पहले ही महापौर ने एक लेटर निकाला जिसमें विद्युत विभाग का अतिरिक्त प्रभार निरंजन चौहान को दे दिया, जबकि चौहान के पास राजस्व विभाग भी है। राजनीतिक गलियारों में अब इस मामले में जमकर चर्चा है। जीतू यादव मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 19 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




