न.प्र.)। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े 8 अस्पतालों में करीब 250 तरह की जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। इनमें कुछ जांचें ऐसी हैं, जिनके लिए निजी लैब में मरिजों को हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। कुछ जांचों की निजी क्षेत्र में कीमत 10 हजार रुपए तक पहुंच जाती है। अब ये जांचें सरकारी अस्पतालों में ही मुफ्त होने से मरीजों को इलाज के साथ जांच का खर्च भी नहीं उठाना पड़ रहा है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविन्द घनघोरिया के अनुसार, संबद्ध अस्पतालों में हर महीने 10 हजार से अधिक जांचें निःशुल्क

150 विद्यार्थियों ने फायनल
प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए
एरीना एनीमेशन गीता भवन द्वारा समारोह में विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रोजेक्ट्स, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में एड-मेड शो विशेष आकर्षण रहा। इसमें 19 छात्र समूहों के करीब 150 विद्यार्थियों ने अपने फाइनल प्रोजेक्ट्स और रचनात्मक कार्य प्रस्तुत किए। संजय खिमेसरा, सौम्या खिमेसरा, एकता खिमेसरा ने अपनी भूमिका निभाई। की जा रही हैं। पहले केमिकल और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित होने से कुछ जांचें नियमित नहीं हो पाती थीं। अब संसाधन मिलने से जांच व्यवस्था लगातार चल रही है। रिपोर्ट के लिए दोबारा अस्पताल आने की जरूरत नहीं, जांच के साथ रिपोर्टिंग सिस्टम को भी डिजिटल किया गया है। मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। खासकर दूरदराज से आने वाले मरिजों को इसका फायदा मिल रहा है, रोज 5 हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे। अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ने का असर ओपीडी पर भी दिखाई दे रहाहै।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 30 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




