सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
इंदौर

संपादकीय वृंदावन में चार छात्रों की मौत, पानी की टंकी की सफाई ने उठाए गंभीर सवाल

हम सवाल यह है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की नहीं, तो…

हम सवाल यह है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की नहीं, तो और किसकी है? उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन स्थित एक आवासीय विद्यालय में पानी की टंकी साफ करने उतरे चार छात्रों की मौत की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह महज हादसा नहीं, बल्कि इससे विद्यालय में व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर होती है। शिक्षा संस्थान बच्चों के लिए ज्ञान और व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र होते हैं। यहां विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और बेहतर भविष्य की सीख दी जाती है। ऐसे में यदि विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाई के अलावा अन्य काम करना पड़े, तो यह शिक्षा के मूल उद्देश्य पर ही प्रश्न खड़े करता है। आखिर क्या वजह रही कि आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को पानी की टंकी साफ करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिस कारण उनकी जान चली गई! क्या किसी ने उन्हें यह काम करने के लिए कहा था या फिर वे अपनी मर्जी से यह सब कर रहे थे, इसकी सच्चाई तो जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन दोनों ही स्थितियों में विद्यालय प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकता। अहम सवाल यह है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की नहीं, तो और किसकी है? पानी की टंकी की सफाई और रखरखाव नियमित व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए। अगर टंकी से दुर्गंध उठ रही थी, तो प्रबंधन ने अपने स्तर पर समय रहते उसकी सफाई कराने की जरूरत महसूस क्यों नहीं की? इस घटना का विचलित कर देने वाला पहलू यह है कि एक छात्र सफाई के लिए टंकी के भीतर गया और वापस नहीं आया। इसके बाद तीन अन्य छात्र उसे बचाने के लिए टंकी में कूद गए। हैरत इस बात की है कि विद्यालय के कर्मियों को जब इस घटना का पता चला, तब तक देर हो चुकी थी। पुलिस को चाहिए कि इस घटना की गहन जांच कर वह लापरवाही की उस पूरी शृंखला को सामने लाए, जिस कारण चार निर्दोष छात्रों की जान चली गई। विद्यालयों का दायित्व बच्चों को काम में लगाना नहीं, बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा देकर बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें