इंदौर में हुआ ‘द मैन बिहाइंड द वर्डिक्ट’; उज्ज्वल निकम बोले, ‘सच के साथ साहस से लड़ना भी राष्ट्रभक्ति है!’ साथ ही यह भी कहा कि न्यायपालिका ने भी अतिरिक्त टिप्पणी जो अधिकार का हिस्सा नही है, उससे बचना चाहिए। बड़ी संख्या में श्रोता निकम की सच वाणी सुनने के लिए पहुंचे थे। आयोजक दीपक जैन टीनू जो भाजपा से भी जुड़े हैं उन्होंने बताया कि आयोजन से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे और उन्होंने भी आतंकवाद को करारा जवाब देने वाले मुकदमे में निकम की विजयी को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। न्याय जगत से जुड़ी हस्तियां, जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता मौजूद रहे। निकम पद्मश्री होने के साथ राज्यसभा सांसद भी है। उज्जवल निकम और उनकी धर्मपत्नी ज्योति निकम का स्वागत दीपक जैन टीनू ने करते हुए माँ अहिल्या की प्रतिमा भी भेंट की, इस दौरान राहुल सेठी, सोनल गुप्ता, एडवोकेट मनीष यादव, राकेश पाल, अभिजीत राठौर भी मौजूद रहे। उज्ज्वल निकम ने कहा कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले का मुकदमा लड़ना उनके लिए गर्व का विषय रहा है। इस मुकदमे से जुड़ा दौर उन्हें हमेशा यह प्रेरणा देता रहा कि सच के साथ साहसपूर्वक खड़े रहना भी राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने कहा कि जब आतंकवाद के रूप में ऐसा दुश्मन सामने हो, जो निर्दोष नागरिकों की मौत का जिम्मेदार हो, तब कानून का पालन करते हुए सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करना और भी जरूरी हो जाता है। आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और कानून के शासन की भूमिका भी इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और भी उन्होंने बेबाक टिप्पणी की। कार्यक्रम में शंकर लालवानी, जीतू जिराती, भालू मुंडे, राकेश शुक्ला, डॉ. राजीव चौधरी, प्रकाश जैन, श्रेयराज सक्सेना, दृष्टि रावल, राज्यवर्धन गावड़े, पीयूष पाराशर, तेजस जैन, हर्ष मेहता, रोहित जैन, गोविंद सिंह बैस, भूपेंद्र कुशवाह, आकाश शर्मा, कमलेश जोशी, अनिमेष परमार, नितेश मुछाल, पंकज जैन, अमित सोनी, धवल जैन, अंकित रावल, गौरव नाहर ने भी अपनी भूमिका निभाई।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 16 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





